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Bhanu Saptami December 2024 : भानु सप्तमी के दिन जरूर करें ये काम, चमक सकती है किस्मत

By अनूप कुमार 
Updated Date

Bhanu Saptami December 2024 : आत्मा के कारक और जगत को प्रकाशित करने वाले भगवान सूर्य नारायण का एक नाम भानू भी है। सनानतन धर्म बड़े श्रद्धा के साथ भानू सप्तमी मनायी जाती है। इस दिन विधिवत रूप से सूर्यदेव की पूजा-अर्चना करने का विधान है। ऐसा मान्यता है कि इस दिन सूर्यदेव की पूजा करने से व्यक्ति के मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है और जीवन में चल रही समस्याओं से भी छुटकारा मिल सकता है। ज्योतिष में सूर्य देव को मान-सम्मान, उच्च पद, और नेतृत्व क्षमता का कारक माना जाता है।
सूर्य देव को आत्मा का कारक भी कहा जाता है। सूर्य देव को सिंह राशि का स्वामी माना जाता है। ऐसे में भानू सप्तमी के दिन सूर्य देव की पूजा और दान करना विशेष लाभप्रद होता है। आइये जानते है।

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भानु सप्तमी
भानु सप्तमी 08 दिसंबर 2024, रविवार (मार्गशीर्ष, शुक्ल सप्तमी) को मनाई जाएगी।
सप्तमी तिथि 07 दिसंबर को दिन में 11 बजकर 05 मिनट पर प्रारम्भ होगी।
सप्तमी तिथि का समापन 08 दिसंबर को सुबह 09 बजकर 44 मिनट पर होगी।

सूर्य देव की आराधना
पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, जब पहली बार सूर्य देव सात घोडे़ के रथ पर सवार होकर प्रकट हुए और धरती से अंधकार को दूर करने के लिए अपनी किरणें फैलाईं, तो उस दिन शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि थी। सूर्यदेव के प्राकट्य के उपलक्ष्य में ही ‘भानु सप्तमी’ या ‘सूर्य सप्तमी’ मनाई जाती है। भानु सप्तमी के दिन जातक स्नान के बाद सूर्य देवता को जल चढ़ाने के साथ ही स्थल परिक्रमा करते है। इस दिन उपवास करने का भी विधान है। मान्यता है कि ये व्रत मनुष्य को मोक्ष दिलाने वाला होता है। इस दिन यदि सच्चे मन से सूर्य देव की आराधना की जाए तो समस्त पापों से मुक्ति मिलती है।

भानु सप्तमी पूजा
भानु सप्तमी के दिन पूजा स्थल पर पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ़ मुख कर के बैठ जायें।
पूजा में सूर्य देव को लाल चंदन, अक्षत्, लाल पुष्प, धूप, नैवेद्य आदि अर्पित करें।
इसके बाद कपूर या गाय के घी के दीपक से सूर्य भगवान की आरती उतारें।
इस दिन तांबे के पात्र में स्वच्छ जल भरकर उसमें लाल चंदन, अक्षत और लाल रंग का फूल डालें।
अब ‘ॐ सूर्याय नमः’ मन्त्र का जाप करते हुए सूर्यदेव को अर्घ्य दें।

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