भिवानी। विधानसभा में नेता विपक्ष और हरियाणा के पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा (Leader of Opposition and former Haryana CM Bhupinder Singh Hooda) ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार अब अल्पमत में है। उन्हें बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए और फिर नए सिरे से चुनाव होने चाहिए। अगर वे (BJP) कहते हैं कि उनके पास जरूरी ताकत है तो उन्हें अपने विधायकों को राज्यपाल के सामने लाना चाहिए। दूसरी ओर, भाजपा नेताओं का कहना है, सरकार सुरक्षित है।
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विपक्ष के नेता और हरियाणा के पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा (Leader of Opposition and former Haryana CM Bhupinder Singh Hooda) के सचिव शादी लाल कपूर ने 10 मई को हरियाणा राजभवन को पत्र लिखकर राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर राज्यपाल से समय मांगा है।
पूर्व डिप्टी सीएम एवं जजपा नेता दुष्यंत चौटाला कहते हैं कि अगर कांग्रेस पार्टी, सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाती है, तो जजपा उसे बाहर से समर्थन देगी। प्रदेश की राजनीति को करीब से जानने वाले बताते हैं, समर्थन लेने देने की कहानी, अभी खत्म नहीं हुई है। हरियाणा में अभी हिसाब खुलना बाकी है। भाजपा सरकार गिराने के चक्कर में कहीं कांग्रेस और जजपा में तो सेंध नहीं लग रही। पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस बाबत इशारा कर दिया है कि हमारे संपर्क में भी विधायक हैं।
‘जजपा’ विधायकों के समर्थन से सरकार का गठन
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हरियाणा में कांग्रेस और जजपा, दोनों दलों को एक दूसरे पर भरोसा नहीं है। हालांकि, पिछले वर्ष पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा था, विधानसभा चुनाव में एक समान विचारधारा वाले दल साथ आ सकते हैं। उनसे जजपा के साथ किसी तरह के गठबंधन को लेकर सवाल पूछा गया था। उस वक्त तक जजपा, भाजपा सरकार में शामिल थी।