नई दिल्ली। राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी (National President Jayant Chaudhary) ने सोमवार को बड़ा एक्शन (Big Action) लिया है। संगठन महासचिव त्रिलोक त्यागी (Organization General Secretary Trilok Tyagi) ने बताया कि राष्ट्रीय प्रवक्ता समेत यूपी के सभी प्रवक्ता की छुट्टी कर दी गई है।
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गृहमंत्री अमित शाह की संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर पर की गई टिप्पणी क्या राष्ट्रीय लोकदल (RLD) के प्रवक्ता पैनल पर भारी पड़ गई? यह सवाल इसलिए खड़ा हो रहा है क्योंकि केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी की पार्टी आरएलडी ने अपने सभी राष्ट्रीय प्रवक्ताओं और उत्तर प्रदेश के प्रवक्ताओं को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। आरएलडी के संगठन महासचिव त्रिलोक त्यागी ने इस बाबत चिट्ठी जारी कर दी है. कहा जा रहा है कि जयंत चौधरी के आदेश पर सभी प्रवक्ताओं को पद से हटाया गया है। अब यह मामला अमित शाह से कैसे जुड़ रहा है, पहले इसे समझते हैं?
आपको बता दें कि आरएलडी इस वक्त केंद्र की एनडीए सरकार में पार्टनर है। आरएलडी चीफ जयंत चौधरी केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री के पद पर हैं। उनके पास स्किल डेवलपमेंट मिनिस्ट्री का भी स्वतंत्र प्रभार है। इसके बावजूद बीते दिनों आरएलडी के एक प्रवक्ता ने भी विपक्ष के सुर में सुर मिलाते हुए अंबेडकर पर दिए गए बयान को लेकर गृहमंत्री शाह की आलोचना कर दी थी।
मीडिया से बातचीत करते हुए आरएलडी प्रवत्ता कमल गौतम ने कहा था कि अमित शाह का बयान सही नहीं है, क्योंकि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी को जो लोग भगवान मानते हैं और भगवान मानते रहेंगे। उनके लिए ऐसा बयान सही नहीं है। रही बात सरकार की आप लोग कानून व्यवस्था के आदमी हैं। गृह मंत्री हैं। बहुत सारी कानून व्यवस्था बिगड़ रही है।भगवान के मंदिर में भी अत्याचार हो रहा। मंदिर में घुसने पर भी मार-पिटाई हो रही। उनमें कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। ऐसे बयान की कोई आवश्यकता नहीं है।
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उन्होंने आगे कहा था कि रही बात हम सरकार में शामिल हैं, इसका मतलब यह नहीं कि जिनको हम भगवान मानते हैं उनके खिलाफ गलत सुनें। गृह मंत्री जी से भी अपील करते हैं कि उन्हें माफी मांगनी चाहिए। गृह मंत्री जी को माफी मांगनी चाहिए, क्योंकि यह बयान कोई छोटा बयान नहीं है।