यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, उत्तर प्रदेश बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहा है और प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी हालात बद से बदतर हैं। जनता पानी में फंसी है, घरों में पानी घुस रहा है, रास्ते डूबे हैं और किसान अपनी बर्बाद फसल देखकर बेहाल हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्र इन दिनों बाढ़ की चपेट में हैं। सरकार की तरफ से लगातार राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है। इन सबके बीच यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय का बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा, सरकार के दावे कागजों और कैमरों तक सीमित हैं। जमीन पर न पर्याप्त राहत दिखाई दे रही है, न प्रभावित परिवारों की चिंता। जनता संकट में है और सत्ता सिर्फ प्रचार में व्यस्त है।
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, उत्तर प्रदेश बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहा है और प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी हालात बद से बदतर हैं। जनता पानी में फंसी है, घरों में पानी घुस रहा है, रास्ते डूबे हैं और किसान अपनी बर्बाद फसल देखकर बेहाल हैं।
उत्तर प्रदेश बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहा है और प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी हालात बद से बदतर हैं। जनता पानी में फंसी है, घरों में पानी घुस रहा है, रास्ते डूबे हैं और किसान अपनी बर्बाद फसल देखकर बेहाल हैं।
सवाल यह है कि जिस वाराणसी को विकास का मॉडल बताकर प्रचार… pic.twitter.com/QNZ6IdRB2Z
— Ajay Rai🇮🇳 (@kashikirai) September 6, 2026
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उन्होंने आगे लिखा, सवाल यह है कि जिस वाराणसी को विकास का मॉडल बताकर प्रचार किया जाता है, वहां बाढ़ के सामने सरकार की पूरी व्यवस्था क्यों बेबस नजर आ रही है?सरकार के दावे कागजों और कैमरों तक सीमित हैं। जमीन पर न पर्याप्त राहत दिखाई दे रही है, न प्रभावित परिवारों की चिंता। जनता संकट में है और सत्ता सिर्फ प्रचार में व्यस्त है।
मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं-बाढ़ पीड़ितों को भाषण और फोटो खिंचवाने की राजनीति नहीं, तत्काल राहत और ठोस मदद चाहिए। प्रभावित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाए, किसानों की फसल क्षति का तत्काल सर्वे हो और राहत-बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाया जाए। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में जनता का यह हाल सरकार के विकास के दावों की पोल खोल रहा है। अब सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर बाढ़ से बेहाल जनता की जिम्मेदारी कौन उठाएगा?