मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में सियासी हलचल मच गई है। चुनाव आयोग से शरद पवार को बड़ा झटका लगा है। चुनाव आयोग ने अजित पवार गुट को ही असली एनसीपी बताया है। इसके साथ ही घड़ी चुनाव चिन्ह भी अजीत पवार के पास रहेगा। वहीं, चुनाव आयोग ने शरद पवार गुट से तीन नाम मांगे हैं।
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बता दें कि, पिछले छह महीने से अधिक समय तक चली 10 से अधिक सुनवाई के बाद चुनाव आयोग ने एनसीपी में विवाद का निपटारा किया और अजीत पवार के नेतृत्व वाले गुट के पक्ष में फैसला सुनाया है। चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद शरद पवार को बड़ा झटका लगा है।
बता दें कि, चुनाव आयोग ने कहा कि तमाम सबूतों के मद्देनजर ये फैसला लिया गया है कि अजित पवार और उनके साथ गए विधायक ही असली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी है।इसके साथ ही अजित पवार गुट को एनसीपी का नाम और चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने का अधिकार दिया गया है। छह महीने से अधिक समय तक चली 10 से अधिक सुनवाई के बाद चुनाव आयोग ने अजित पवार के गुट के पक्ष में मंगलवार को फैसला दिया।
चाचा से की थी बगावत
बता दें कि, अजीत पवार ने जुलाई 2023 चाचा शरद पवार से बगावत की थी। इस बगावत के साथ ही अजीत पवार 40 विधायकों के साथ महाराष्ट्र की शिंदे सरकार में शामिल हो गए थे। इसके बाद गठबंधन सरकार में उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया।