Ram Mandir Donation Theft Controversy : चढ़ावा विवाद को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय का महासचिव पद से इस्तीफा मजूर कर लिया गया था। लेकिन, इस बैठक के बाद चंपत राय की राम भक्तों के नाम संदेश ने ट्रस्ट में खलबली मचा दी है। पत्र के सामने आने के बाद नए और पुराने पदाधिकारियों के बीच मेल-मुलाकात और बैठकों का दौर तेज हो गया है।
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दरअसल, राम मंदिर में चढ़ावा विवाद को लेकर चंपत राय पर गंभीर आरोप लगते रहे हैं, क्योंकि आरोपी उनके करीबी बताए जाते रहे हैं। लेकिन, अपने पत्र में चंपत राय ने खुद पर लगे आरोपों अर्नगल बताया है। इसके साथ ही उन्होंने चौपाई “धीरज धर्म मित्र अरु नारी, आपद काल परिखिअहिं चारी।”(जिसका अर्थ है कि धैर्य, धर्म, मित्र और पत्नी—इन चार की असली परीक्षा मुसीबत के समय ही होती है) के माध्यम से पूछा है कि कौन इस विकट परिस्थिति में उनके साथ है।
बताया जा रहा है कि चंपत राय की ओर से पत्र जारी करने के बाद ट्रस्ट के नए महासचिव कृष्ण मोहन और कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी पहुंचे थे। इसके बाद ट्रस्ट के बाकी पदाधिकारियों ने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष से मिलने के लिए पहुंचे। इस दौरान साधु-संतों और पूर्व पदाधिकारियों के बीच करीब एक घंटे बातचीत चली। इसके बाद महंतों ने एक लाइन में कहा कि जल्द कुछ बड़ा होने वाला है। माना जा रहा है कि चंपत राय के जाने से ट्रस्ट के कई पदाधिकारी काफी नाराज हैं।
धीरज धर्म मित्र अरु नारी,
आपद काल परिखिअहिं चारी। pic.twitter.com/PHtGs95ass— Champat Rai (@ChampatRaiVHP) July 7, 2026
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वहीं, चंपत राय को लगता है कि बुरे वक्त में उनके साथियों ने उनका साथ छोड़ दिया। उन्होंने पत्र के माध्यम से अपनी तकलीफ व्यक्त करते हुए लिखा, “चपत राय की पाती रामभक्तों के नाम – पिछले 7 जून 2026 से, श्री रामजन्मभूमि मन्दिर परिसर के दानपात्र की गणना के समय की गयी चोरी के सम्बंध में अनेक प्रकार की चर्चा चल रही हैं, व्यक्तिगत मेरे ऊपर अनेकों ने अनर्गल आरोप लगाये हैं, मैंने मौन धारण कर लिया है, मन्दिर ट्रस्ट की 6 जुलाई को समान्न बैठक में SIT की प्राथमिक रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी, यह रिपोर्ट अब सार्वजनिक हो चुकी है यद्यपि यह ‘परमं गोपनीय’ थी, आप सभी आश्वस्त करता हूँ कि SIT के अन्तिम रिपोर्ट आने के बाद, फैलाये जा रहे सभी बिन्दुओं पर अपना उत्तर क्रमानुसार दूंगा, सभी सत्य सामने आ जायेगा, मैं वर्ष अक्टूबर 1991 से अयोध्या में भेजा गया संगठन द्वारा, मेरा प्रचारक जीवन 45 वर्ष से, जहाँ-जहाँ मैं रहा, खुली पुस्तक के समान है। सभी को आदर पूर्वक नमन॥”
बता दें कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक 22 जुलाई 2026 को प्रस्तावित है। इससे पहले संतों की एक बड़ी बैठक होने की सूचना मिल रही है। सूत्र की मानें तो आरएसएस और विहिप संतों से संपर्क करने में जुट गया है। इस बैठक में 500 से अधिक संतों महंतों की सहभागिता दिख सकती है।