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चंद्रशेखर के काफिले पर पथराव के बाद बवाल, भीम आर्मी ने घेरा SP ऑफिस

By Kalpna Pandey 
Updated Date

Azad Samaj Party: दरअसल, चंद्रशेखर आजाद गोंडा में दलित नेता विनोद सहनी के परिजनों से मिलने जा रहे थे। इसी दौरान बुढ़वल-रामनगर इलाके में उनके काफिले पर पथराव हुआ। जानकारी के मुताबिक, इस घटना में करीब 12 कार्यकर्ता घायल हुए हैं, एक कार्यकर्ता के सिर पर धारदार हथियार से वार किया गया जबकि दूसरे कार्यकर्ता की आंख में गंभीर चोट आई है। वही काफिले की कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद चंद्रशेखर आजाद शिकायत लेकर बाराबंकी एसपी ऑफिस पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिसकर्मियों पर भी गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है।

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चंद्रशेखर के मुताबिक, विनोद सहनी उनकी पार्टी से कैसरगंज लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों को उनसे राजनीतिक नुकसान था, उन्हीं लोगों ने उनकी हत्या कराई । उन्होने साफ चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो आजाद समाज पार्टी आंदोलन करेगी। इसके बाद मामला और गरमा गया। भीम आर्मी के सैकड़ों कार्यकर्ता एसपी ऑफिस पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने कार्यालय का घेराव किया, जमकर नारेबाजी की और काफिले पर पथराव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

बता दें कि, चंद्रशेखर आजाद गोंडा में दलित नेता विनोद सहनी के परिजनों से मिलने जा रहे थे। पुलिस को पहले से आशंका थी कि उनके दौरे से इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। इसी को देखते हुए रामनगर में पुलिस ने हाईवे पर बैरिकेडिंग कर उनके काफिले को रोक दिया। चंद्रशेखर आजाद ने यूपी पुलिस पर बीजेपी के एजेंट की तरह काम करने का आरोप लगाया। काफिले पर पथराव और तोड़फोड़ के बाद पुलिस से उनकी तीखी नोकझोंक हुई, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

 

अब ऐसे में एक तरफ काफिले पर पथराव, दूसरी तरफ पुलिस से विवाद और फिर एसपी ऑफिस पर भीम आर्मी का शक्ति प्रदर्शन, बाराबंकी की इस घटना ने यूपी की सियासत में हलचल बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में क्या कार्रवाई करती है और क्या चंद्रशेखर आजाद के ऐलान के बाद ये मामला आगे किसी बड़े आंदोलन का रूप लेता है।

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