बहराइच। बहराइच जिले की चित्तौरा झील के तट पर आयोजित महाराजा सुहेलदेव विजयोत्सव में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराजा सुहेलदेव के पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि अब कहीं भी किसी विदेशी आक्रांता का महिमा मंडन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बहराइच में गाजी का नहीं महाराजा सुहेलदेव का और मंडल में मां पाटेश्वरी का मेला लगेगा।
पढ़ें :- TMC सरकार ने खो दिया है बंगाल की जनता का भरोसा, 15 साल तक प्रदेश को लूटा: पीएम मोदी
विदेशी आक्रांता के नाम पर कोई आयोजन नहीं होने चाहिए…
बहराइच का मुख्य आयोजन होगा तो महाराजा सुहेलदेव जी के नाम पर होगा, बालार्क ऋषि के नाम पर होगा, आदिशक्ति माँ पाटेश्वरी देवी के नाम पर होगा… pic.twitter.com/RtFFMccAzB
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 10, 2025
पढ़ें :- पीड़ित बेटी का दर्द सुनने का समय मुख्यमंत्री जी के पास नहीं...शुभम द्विवेदी की पत्नी के बयान को लेकर अखिलेश यादव ने बोला हमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अपने हेलीकॉप्टर से चित्तौरा झील के तट पर पहुंचे और 1243 करोड़ की 384 परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने के साथ ही पांच बच्चों का अन्नप्राशन कराकर तथा महाराजा सुहेलदेव के नाम पर उनका नामकरण कराकर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत के मठ मंदिरों को लूटकर भारतीय संस्कृति को नष्ट करने का मंसूबा लेकर आया सैयद सालार मसूद गाजी को महाराजा सुहेलदेव ने अपनी कूटनीति तथा युद्धनीति से जहन्नुम में पहुंचा दिया।
'राष्ट्रवीर' महाराजा सुहेलदेव जी के नेतृत्व में…
सालार मसूद को ऐसी सजा हुई, जो इस्लाम के अनुसार जहन्नुम जाने की गारंटी देता है… pic.twitter.com/IGkoCskfsS
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 10, 2025
पढ़ें :- यूपी में शिक्षा के नाम खुली लूट : स्कूल से किताब न खरीदने पर प्रिंसिपल छात्रा की मां से की बदसलूकी, नाम काटने की दी धमकी, देखें Viral Video
उन्होंने सपा, बसपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन राजनीतिक दलों ने सत्ता में रहते हुए धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा करने वाले महाराजा सुहेलदेव के पराक्रम को भुलाकर विदेशी आक्रांता को महिमा मंडित कर हर वर्ष उनका विवाह कराते थे। यह सब तुष्टीकरण की नीति के तहत किया जा रहा था। इसके बाद जब से देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई तभी से गुजरात में भारतीय गणराज्य में देशी रियासतों को मिलाने वाले महापुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की विश्व की लंबी प्रतिमा स्थापित कर उनके योगदान का सम्मान किया।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) June 10, 2025
उसके बाद राम मंदिर निर्माण के साथ ही अयोध्या में राम दरबार सज गया। अयोध्या, मथुरा, काशी तथा नैमिषारण्य का सुंदरीकरण कराया गया और अब आज ही के दिन 10 जून 1034 को विदेशी आक्रांता को धूल चटाने वाले महापराक्रमी चक्रवर्ती सम्राट महाराजा सुहेलदेव के विजयोत्सव पर उनकी 17 फुट ऊंची और चालीस फिट लंबी प्रतिमा की स्थापना करने के साथ आजमगढ़ में निर्मित विश्वविद्यालय का नाम महाराजा सुहेलदेव के नाम पर रखा गया। महाराजा सुहेलदेव पर शोध करने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करने की योजना शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने महाराजा सुहेलदेव विजयोत्सव में दशकों से अपनी भूमिका निभाने वाले दिवंगत पंडित हनुमान शर्मा, पंडित गुलाब चंद शुक्ल,विहिप के पूर्व अध्यक्ष संतराम सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अन्य सहयोगी मुकुट बिहारी वर्मा, सुरेश्वर सिंह, अक्षयवर लाल गोंड, अर्जुन कुमार दिलीप तथा श्यामकरन टेकड़ीवाल आदि के प्रति आभार व्यक्त किया।
पढ़ें :- पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह ने इशारों में BJP को दी खुली चुनौती, बोले-हम बोझ हैं तो बता दो, 2027 और 2029 के चुनाव में दिखा देंगे...'
कार्यक्रम को जिले के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर, पर्यटन मंत्री तथा कार्यक्रम के आयोजक जयवीर सिंह, सांसद डा. आनंद कुमार गोंड, सदर विधायक अनुपमा जायसवाल, पयागपुर के विधायक सुभाष त्रिपाठी, महसी के सुरेश्वर सिंह, नानपारा के राम निवास वर्मा बलहा की सरोज सोनकर, एमएलसी पद्मसेन चौधरी व डा. प्रज्ञा त्रिपाठी पूर्व मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा तथा जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू सिंह आदि ने संबोधित किया।