नई दिल्ली। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने रविवार को बड़ा आरोप लगया है। उन्होंने कहा कि, 10 कंपनियां आर्थिक रूप से मुश्किल में थीं, जिन पर सरकारी बैंकों का क़रीब 62,000 करोड़ रुपए इनपर बकाया था। इन कंपनियों को अडानी ने खदी लिया, जिसके बाद बैंकों ने 16,000 करोड़ रुपए पर ही समझौता कर लिया। ऐसे में 46,000 करोड़ रुपए का चूना बैंकों को लगा।
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कांग्रेस ने अपने सोशल मीडिया एक्स पर सुप्रिया श्रीनेत की एक वीडियो को शेयर किया है। इसके साथ ही लिखा कि, आइए, आज जानें कि अगर आप अडानी हैं और नरेंद्र मोदी आपके ख़ास दोस्त हैं तो कैसे सरकारी बैंकों को चूना लगाकर मुनाफ़ा कमा सकते हैं। उन्होंने आगे लिखा कि, 10 कंपनियां आर्थिक मुश्किल में थीं। सरकारी बैंकों का क़रीब 62,000 करोड़ रुपए इनपर बकाया था। इसके बाद अडानी ने इन कंपनियों को ख़रीदा। बैंकों ने 16,000 करोड़ रुपए पर ही समझौता कर लिया। आर्थिक भाषा में इसे 74% का ‘हेयरकट’ कहते हैं। सीधी बात यह है कि 46,000 करोड़ रुपए का चूना अडानी जी के नाम पर बैंकों को लगा।
आइए, आज जानें कि अगर आप अडानी हैं और नरेंद्र मोदी आपके ख़ास दोस्त हैं तो कैसे सरकारी बैंकों को चूना लगाकर मुनाफ़ा कमा सकते हैं-
10 कंपनियां आर्थिक मुश्किल में थीं।
सरकारी बैंकों का क़रीब 62,000 करोड़ रुपए इनपर बकाया था। पढ़ें :- झारखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, हलाला के बाद दोबारा निकाह से इनकार अपराध नहीं
फिर अडानी ने इन कंपनियों को ख़रीदा। — Congress (@INCIndia) September 8, 2024
आगे लिखा कि, सरकारी बैंकों ने 74% नुक़सान सह कर कंपनियां की अडानी के हवाले कर दी गईं। ये वही बैंक हैं, जो अगर आप दो महीने 10,000 रुपए की किश्त ना दीजिए तो जीना दूभर कर देते हैं, बेइज़्ज़त करते हैं और वसूली के लिए लोग घर भेज देते हैं। वैसे इन सरकारी बैंकों में सरकार ने 4 साल में 3.5 लाख करोड़ रुपए लगाये हैं, जो कि GST से आपकी कमरतोड़ कर और टैक्स लगा कर वसूल किए गये हैं।
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