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आखिरी दो गेंदों का ड्रामा मैच हाथ में था, लेकिन किस्मत पलट गई ,”मिलर की मंशा पर सवाल नहीं” : सुनील गावस्कर

By हर्ष गौतम 
Updated Date

DC vs GT, ipl 2026: बीते हुए कल के दिल्ली बनाम गुजरात के बेहद रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को जीत के लिए आखिरी दो गेंदों में सिर्फ दो रन चाहिए थे। लेकिन इसी मोड़ पर मैच ने ऐसा करवट लिया जिसने सबको हैरान कर दिया। पांचवीं गेंद पर बल्लेबाज डेविड मिलर ने एक रन लेने से इनकार कर दिया। उनका फैसला उस वक्त चौंकाने वाला जरूर लगा, लेकिन उन्होंने खुद पर भरोसा दिखाते हुए आखिरी गेंद खेलने का निर्णय लिया। हालांकि, आखिरी गेंद पर वह शॉट लगाने से चूक गए और जब रन लेने की कोशिश की तो जोस बटलर के सटीक थ्रो पर कुलदीप यादव रन आउट हो गए। इसके साथ ही दिल्ली के हाथ से जीत फिसल गई।

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गावस्कर का बड़ा बयान: “इरादों पर शक करना गलत”

भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मिलर का बचाव किया। उन्होंने कहा कि मिलर शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे और उन्हें खुद पर पूरा भरोसा था कि वह मैच खत्म कर सकते हैं। गावस्कर ने साफ कहा कि ऐसे हालात में खिलाड़ी के इरादों पर सवाल उठाना ठीक नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रसिद्ध कृष्णा ने बेहद शानदार धीमा बाउंसर डाला, जिसे मिलर समझ नहीं पाए और यही मैच का टर्निंग पॉइंट बन गया।

दबाव में फैसले ही तय करते हैं मैच

गावस्कर ने कहा कि ऐसे हाई-प्रेशर मोमेंट्स में मैच की स्थिति को सही तरीके से समझना बेहद जरूरी होता है। उन्होंने इस मौके पर भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री का उदाहरण दिया। भारत vs ऑस्ट्रेलिया 1986 चेन्नई टेस्ट का जिक्र करते हुए गावस्कर ने बताया कि उस मैच में भारत को 348 रन का लक्ष्य मिला था। रवि शास्त्री ने समझदारी दिखाते हुए सही समय पर एक रन लिया और स्कोर बराबरी पर पहुंचा दिया। हालांकि आखिरी गेंद पर मनिंदर सिंह आउट हो गए, लेकिन मैच टाई हो गया — जो क्रिकेट इतिहास के सबसे यादगार मुकाबलों में गिना जाता है।

एक फैसला, कई सवाल

इस मैच ने फिर साबित कर दिया कि क्रिकेट में एक छोटा सा फैसला भी पूरे मैच का रुख बदल सकता है। मिलर का फैसला सही था या गलत — इस पर बहस जारी रहेगी, लेकिन गावस्कर की बात साफ है: इरादों पर नहीं, हालात पर ध्यान देना चाहिए।

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