नालंदा। बिहार की नीतीश सरकार (Nitish Government) में मंत्री और जेडीयू नेता श्रवण कुमार (JDU leader Shravan Kumar) के काफिले पर नालंदा जिले (Nalanda District) में आक्रोशित ग्रामीणों ने हमला कर दिया है, जिसमें बॉडीगार्ड घायल (Bodyguard Injured) हो गए हैं।
पढ़ें :- दिल्ली सरकार ने होली को ड्राई डे लिस्ट से हटाया , AAP का तीखा हमला, कहा - बीजेपी के असली संस्कार सामने आए, ये ना सनातनी, ना देश भक्त…
यह घटना हिलसा थाना (Hilsa Police Station) इलाके के मलावां गांव (Malavan village) की है। यहां ग्रामीण विकास मंत्री सड़क हादसे में मारे गए 9 लोगों के परिजन से मिलने पहुंचे थे। भीड़ के गुस्से का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लोगों ने करीब एक किलोमीटर तक काफिले का पीछा किया। फिलहाल, गांव में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
नालंदा में ग्रामीणों ने मंत्री #श्रवण_कुमार को खदेड़ा
मलामा गांव गये थे #श्रवण_कुमार#SHRAVAN #NITISH #MINISTER #NITISH #BIHAR #NALANDA pic.twitter.com/sRnEjJDS0i— Vivek (@creatorvivek11) August 27, 2025
पढ़ें :- होली के दिन भी खुली रहेंगी शराब की दुकानें, शौकीन जमकर छलका सकेंगे जाम
पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे थे मंत्री और विधायक
बता दें कि 2 दिन पहले एक सड़क हादसा हो गया था, जिसमें 9 लोगों की मौत हो गई थी। पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने के लिए स्थानीय विधायक प्रेम मुखिया और ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार मलावां गांव पहुंचे थे। आधे घंटे बाद जब सभी लोग बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान ग्रामीणों ने उनसे आग्रह किया कि वे थोड़ी देर और गांव में रुकें। लेकिन मंत्री ने कहा कि वे सभी परिवारों से मिल चुके हैं और आगे का कार्यक्रम उन्हें अटेंड करना है। इस पर भीड़ गुस्से में आ गई। घटना के बाद मंत्री और विधायक किसी तरह से मौके से भागे। कई सुरक्षाकर्मियों को चोट लगी है। सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच कर रही है। गौरलतब है कि शनिवार सुबह पटना के शाहजहांपुर थाना क्षेत्र के सिकिरियावां हाल्ट के पास ट्रक और ऑटो की टक्कर में 9 लोगों की मौत हो गई थी। सभी मृतक नालंदा जिले के हिलसा थाना क्षेत्र के मलावां गांव के रहने वाले थे।
आक्रोशित लोगों ने अचानक लाठी-डंडे निकाल लिए
ग्रामीणों का आरोप था कि हादसे के दिन विधायक के कहने पर ही उन्होंने सड़क जाम हटाया था, लेकिन आज तक उन्हें सही मुआवजा नहीं मिला। आक्रोशित लोगों ने अचानक लाठी-डंडे निकाल लिए और मंत्री व विधायक पर हमला कर दिया। हालात बिगड़ने पर दोनों नेता गांव से लगभग एक किलोमीटर दूर भागकर किसी तरह अपनी जान बचा पाए। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा और आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराने में जुट गया।