लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने सामुदायिक पुलिसिंग हेतु जनजागरूकता अभियान “एक पहल” का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि, डायल-112 पर कॉल करने वालों की जानकारी सार्वजनिक नही होगी। उन्होंने कहा प्रदेश के नागरिकों से इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की। इसमें आमजन आस-पास की घटनाओं के प्रति संवेदशीलता रखकर UP 112 को सूचना दे सकते हैं।
पढ़ें :- मंत्रीगण सप्ताह में कम से कम एक दिन मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, कारपूलिंग या फिर सार्वजनिक परिवहन का करें उपयोग: सीएम योगी
उन्होंने आगे कहा, उक्त अभियान के अंतर्गत आकस्मिक परिस्थितियों में दूसरों की मदद करने के लिए आमजन को प्रेरित किया जाएगा। साथ ही संदिग्धों की सूचना देने वाले सभी कॉलर की पहचान गोपनीय (मास्क) रखी जायेगी। यह अभियान पुलिस और आमजन के बीच की दूरी को कम करने में सहायक होगा।
मा0 मुख्यमंत्री उ0प्र0 के निर्देशन में @dgpup श्री प्रशांत कुमार द्वारा यूपी-112 की “एक पहल” अभियान का शुभारंभ किया गया।@dgpup द्वारा प्रदेश के नागरिकों से इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की गई, इसमें आमजन आस-पास की घटनाओं के प्रति संवेदशीलता रखकर #UP112 को सूचना दे सकते है।
1/2 pic.twitter.com/nbo5u8V3CU— UP POLICE (@Uppolice) August 12, 2024
पढ़ें :- केरल के मुख्यमंत्री के नाम का कल हो जाएगा एलान, कई दौर की बैठक के बाद नाम पर लगी मुहर
डीजीपी ने कहा कि, किसी भी मुसीबत में देखकर वीडियो न बनाएं बल्कि यूपी 112 पर कॉल करें। संदिग्ध व्यक्ति और वस्तु की सूचना यूपी 112 को देने में संकोच न करें। उन्होंने कहा कि ‘एक पहल’ आम लोगों को संवेदनशील और सतर्क बनाने का अभियान है। छेड़छाड़, छींटाकशी और सड़क पर पड़े घायल की अनदेखी न करें। यह अभियान एक जगजागृति है। एक पहल कीजिए…यूपी 112 को कॉल कीजिए। एक पहल आम लोगों से सहयोग लेने का अभियान है।
उन्होंने आगे कहा कि, बीते आठ वर्षों में प्रदेश दस्यु मुक्त और फिरौती मुक्त हुआ है। प्रदेश में कानून-व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। आठ साल पहले यूपी 112 का रिस्पॉन्स टाईम 40-45 मिनट था जो अब 8-9 मिनट है।