Dhanteras Ayurveda Herbs : धनतेरस का त्यौहार हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन को धन्वंतरि त्रयोदशी और धन्वंतरि जयंती के नाम से भी जाना जाता है। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद का जनक माना जाता। जीवन में स्वस्थ और निरोगी रहने के लिए प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद का इस आधुनिक युग में बहुत महत्व है। भगवान धन्वंतरि को देवताओं का चिकित्सक भी कहते हैं। आइये जानते है आयुर्वेद की कुछ महत्वपूर्ण जड़ी बूटियों के प्रभाव के बारे में।
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1. दालचीनी
घर के उपयोग होने वाले मसालों में दालचीनी को बहुत से व्यंजनों में प्रयोग किया जाता है। दालचीनी रक्त शर्करा के स्तर को कम करने और टाइप 2 डायबिटीज से लड़ने के लिए इंसुलिन के प्रभावों में से एक है।
2.आंवला
आंवला यह एक फल है जिसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं और इसमें एस्कॉर्बिक एसिड भी अधिक होता है।
3.अश्वगंधा
अश्वगंधा जिसे भारतीय जिनसेंग या विंटर चेरी के नाम से भी जाना जाता है, का कई स्थितियों के लिए अध्ययन किया गया है। शोध से पता चलता है कि यह ध्यान और प्रतिक्रिया समय जैसे मस्तिष्क कार्यों में सुधार कर सकता है।
4.ब्राह्मी
ब्राह्मी यह एक बैंगनी फूल वाली जड़ी बूटी है जिसका उपयोग आमतौर पर स्मृति और अनुभूति (सोच) को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है।
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5.तुलसी
तुलसी का पौधा भारतीय घरों में अत्यधिक महत्व रखता है और इसे “हरी पत्ती” के नाम से भी जाना जाता है। यह अद्भुत एंटीऑक्सीडेंट गुणों के साथ शरीर को शांति प्रदान करने के लिए जाना जाता है, साथ ही सर्दी-जुकाम और बुखार में भी उपयोग किया जाता है।
6.गिलोय
गिलोय एक प्राचीन आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है जिसे “अमृता” भी कहा जाता है। गिलोय के पौधों के तने और पत्तियाँ उपयोग के लिए प्रमुख होती हैं, जो विभिन्न औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं।
7.नीम
नीम के पत्ते, बीज, और तेल का उपयोग चिकित्सा में किया जाता है। इसके कैप्सूल त्वचा स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, बैक्टीरियल इंफेक्शन को दूर करने, और कई तरह की त्वचा समस्याओं का इलाज करने में मदद करता है।