नई दिल्ली। देश में एसयूवी (SUV) की बढ़ती बिक्री ने डीजल गाड़ियों की डिमांड में एक भार फिर जान डाल दी है। भारत में उत्सर्जन नियमों के चलते डीजल वाहनों पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं ताकि इनकी बिक्री को कम कर प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। हालांकि, अगर आंकड़ों को देखें तो महंगी एसयूवी गाड़ियों (SUV Vehicles) में डीजल वेरिएंट की डिमांड काफी ज्यादा है। मार्केट रिसर्च फर्म जाटो डायनामिक्स (Market Research Firm JATO Dynamics) के अनुसार, पिछले साल दिसंबर के पहले सप्ताह तक डीजल गाड़ियों की बिक्री 7,38,000 यूनिट्स थी, जबकि इस साल यह समान अवधि में 7,74,000 यूनिट्स तक पहुंच चुकी है। इस साल एसयूवी गाड़ियों (SUV Vehicles) की हिस्सेदारी तकरीबन 6.5% बढ़कर 55% हो गई जो एक साल पहले 48.4% थी।
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एसयूवी की बढ़ती सेल में डीजल गाड़ियों को फायदा
देश में नए उत्सर्जन मानकों और कई शहरों में पुरानी डीजल कारों पर बैन के वजह से पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट (Passenger Vehicle Segment) में डीजल गाड़ियों की बिक्री प्रभावित हो रही थी। हालांकि, देश में महंगी एसयूवी (SUV) के लाॅन्च से डीजल कार सेगमेंट (Diesel Car Segment) में एक बार फिर बहार आ गई है। इस सेगमेंट मे ये बदलाव पूरे 13 साल बाद देखा जा रहा है।
जाटो डायनामिक्स की रिपोर्ट (Jato Dynamics Report) के मुकाबिक, पैसेंजर व्हीकल सेल्स में डीजल वाहनों की हिस्सेदारी दिसंबर 2024 तक 18% रहने का अनुमान लगाया गया है, जो पिछले साल समान अवधि में 17.8% था। अगर एसयूवी के मार्केट शेयर की बात करें तो 2024 में यह कुल पैसेंजर वाहनों का 55% था, जबकि यह 2023 में 48.4% था।
डीजल में ज्यादा बिक रहीं 15 लाख से महंगी एसयूवी
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महंगी गाड़ियों में डीजल इंजन की ज्यादा डिमांड देखी जा रही है। ऐसी कारें जिनकी कीमत 15 लाख रुपये से अधिक है, उन्हें लोग डीजल इंजन में खरीदना पसंद कर रहे हैं। अगर महिंद्रा का उदाहरण लें, तो कंपनी XUV700 और Scorpio-N जैसे माॅडल्स बेच रही हैं जिनकी कीमत 15 लाख रुपये से अधिक है। कंपनी की डीजल कारों की बिक्री पिछले एक साल में 81.1% से बढ़कर 83.4% हो गई है।