गूगल (Google) ने अपने यूजर्स के लिए एक नई फीचर शुरू किया है। अगर आप गूगल अकाउंट (Google Account) का पासवर्ड भूल गए हैं तो इस फीचर के सहारे लॉगिन कर सकते हैं। गूगल (Google) आपको ऑप्शन दे रहा है कि सेल्फी वीडियो को आप एक लॉगिन ऑप्शन की तरह यूज कर सकते हैं। हालांकि, अभी यह फीचर सभी के लिए लाइव नहीं हुआ है।
नई दिल्ली। गूगल (Google) ने अपने यूजर्स के लिए एक नई फीचर शुरू किया है। अगर आप गूगल अकाउंट (Google Account) का पासवर्ड भूल गए हैं तो इस फीचर के सहारे लॉगिन कर सकते हैं। गूगल (Google) आपको ऑप्शन दे रहा है कि सेल्फी वीडियो को आप एक लॉगिन ऑप्शन की तरह यूज कर सकते हैं। हालांकि, अभी यह फीचर सभी के लिए लाइव नहीं हुआ है।
आप g.co/signin-selfie इस पर जाकर एलिजिबिलिटी चेक सकते हैं। अगर आप पात्र हैं तो यहां पहुंचते ही आपसे सेल्फी को लॉगिन ऑप्शन बनाने से जुड़ा सवाल पूछा जाएगा। इसके बाद आपकी एक छोटी सी वीडियो बनेगी और आपका फीचर तैयार है। गूगल अकाउंट में कई तरह की फोटोज, फाइल और डाटा वगैरह पड़ा होता है। कई बार लोग पासवर्ड भूल जाते हैं और फिर यह सारा डाटा खोने का डर पैदा हो जाता है।
फीचर चालू करने के लिए आपको कैमरे की तरफ सीधे देखना होगा। इसके बाद स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों के अनुसार सिर को अलग अलग दिशा में घुमाना होगा, ताकि कैमरा चेहरे के कई एंगल रिकॉर्ड कर सके। यह वीडियो आपके गूगल अकाउंट (Google Account) में सुरक्षित तरीके से सेव हो जाएगा।
पासवर्ड भूलने पर कैसे करेगा काम?
अगर भविष्य में आप अपने अकाउंट में लॉगिन नहीं कर पाते, तो गूगल (Google) आपको सेल्फी वेरिफिकेशन का विकल्प देगा। इस दौरान आपको फिर से एक नया सेल्फी वीडियो रिकॉर्ड करना होगा। लाइव वीडियो का मिलान पहले से सेव वीडियो से किया जाएगा। पहचान सही मिलने पर अकाउंट का एक्सेस मिल जाएगा।
गूगल ने प्राइवेसी को लेकर क्या कहा?
कंपनी का कहना है कि सेल्फी वीडियो सिर्फ यूजर की अनुमति से सेव किया जाएगा और यह एन्क्रिप्टेड रहेगा। इसे केवल अकाउंट लॉगिन और रिकवरी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। अगर यूजर चाहे तो गूगल अकाउंट (Google Account) की सेटिंग्स में जाकर इसे कभी भी डिलीट भी कर सकता है।
फर्जी वीडियो से कैसे करेगा बचाव?
गूगल (Google) का कहना है कि सिस्टम सिर्फ फोटो देखकर फैसला नहीं करेगा। यूजर को लाइव मूवमेंट भी करने होंगे, ताकि यह साबित हो सके कि सामने असली व्यक्ति ही मौजूद है। इसके अलावा सिस्टम डीपफेक, नकली फोटो और संदिग्ध लॉगिन की भी जांच करेगा।
क्या उम्र की जांच में भी होगा इस्तेमाल?
गूगल (Google) ने साफ किया है कि यह फीचर केवल अकाउंट लॉगिन और रिकवरी के लिए बनाया गया है। इसका इस्तेमाल एज वेरिफिकेशन के लिए नहीं किया जाएगा। साथ ही जिन यूजर्स के नाबालिग होने का संदेह होगा, उन्हें इस फीचर में शामिल नहीं किया जाएगा।