भोपाल। मध्य प्रदेश में अब सरकारी अस्पताल को नया रूप देने की तैयारी चल रही है। अब यहां के अस्पताल पूरी तरह से डिजिटल होंगे। इसके लिये मध्यप्रदेश के नेशनल हेल्थ मिशन ने एक स्मार्ट पोर्टल के रूप में चालू किया गया है। फिलहाल इसकी शुरुआत भोपाल के जेपी अस्पताल से चालू हो गई है। इसी के तहत अब यहां के सभी अस्पताल डिजिटल तकनीक से जुड़ कार स्मार्ट हो जायेंगे।
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इस स्मार्ट पोर्टल से मरीजों की पूरी मेडिकल हिस्ट्री, जांच रिपोर्ट और दवाइयों की जानकारी दर्ज होगी। हर मरीज को यूनिक हेल्थ आईडी नंबर मिलेगा। इस नंबर के आधार पर डॉक्टर तुरंत मरीज की पिछली रिपोर्ट, बीमारियों और उपचार का पूरा रिकॉर्ड देख सकेंगे। इस तकनीक से यहां के मरीजों को पूराने पर्चे रखने की जरुरत नहीं रहेगी। मरीजों व तीमारदारों को पर्चो को सजों के रखने से मुक्ति मिलेगी।
एमपी एनएचएम की मिशन संचालक सलोनी सिडाना ने बताया किे पोर्टल पहले से संचालित था, कुछ कमियां थीं, इसलिए अब इसे नए स्वरूप में लागू किया जा रहा है। मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री और राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजनाओं को एक ही प्लेटफार्म पर लाकर इसे 2025 से पूरे प्रदेशभर में लागू किया जा रहा है।
experts के अनुसार पोर्टल को राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से भी जोड़ा जा रहा है। इसमें गैर-संचारी रोग (एनसीडी), नेशनल ओरल हेल्थ प्रोग्राम (एनओएचपी), नेशनल प्रोग्राम फार हेल्थ केयर आफ द एल्डरली (एनपीएचसीई), नेशनल रेबीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनआरसीपी) और नेशनल मेंटल हेल्थ प्रोग्राम (एनएमएचपी) शामिल होंगे। अब इन योजनाओं से जुड़ी जांच, दवाइयों और परामर्श की जानकारी भी ऑनलाइन दर्ज होगी।
पोर्टल के जरिये जिले भर के बीमारी का डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा। इस तकनीक से किस जिले में कौन-सी बीमारी फैल रही है, इसका पता लग सकेगा। जिले में डॉक्टारों को कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से लेकर मानसिक स्वास्थ्य तक के रोगों की पूरी जानकारी होगी। जिससे क्या करना है क्या नहीं इस पर रणनीति बनाने हेल्प मिलेगी।