नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (US President Donald Trump) ने शुक्रवार को दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध खत्म कर दिया है। एक वर्चुअल रैली (Virtual rally) में ट्रम्प ने अपने समर्थकों से यह बात कही। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।
पढ़ें :- 'Ceasefire' in Lebanon : लेबनान में 'युद्धविराम' को लेकर हुआ अहम समझौता , 'इजरायल नहीं करेगा हिजबुल्लाह पर हमला'
ईरान ने ट्रम्प के इस दावे को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई (Foreign Ministry Spokesperson Esmaeil Baghaei) ने कहा कि शांति समझौते पर अभी कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है। इससे पहले ट्रम्प ने व्हाइट हाउस (White House) में पत्रकारों से कहा था कि सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई (Supreme Leader Mojtaba Khamenei) ने नई डील को मंजूरी कर लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते पर इसी सप्ताह यूरोप में साइन हो सकता है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (Vice President JD Vance) भी इसमें शामिल होंगे।
ट्रम्प ईरान युद्ध खत्म करने के दबाव में : एक्सपर्ट्स
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर ईरान के साथ जारी संघर्ष खत्म करने का घरेलू दबाव बढ़ रहा है। यह युद्ध अमेरिका में अलोकप्रिय साबित हुआ है और इसका आर्थिक असर भी महसूस किया जा रहा है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सपर्ट्स का मानना है कि ट्रम्प ऐसे रास्ते की तलाश में हैं जिससे युद्ध खत्म हो, राजनीतिक नुकसान रुके और अर्थव्यवस्था को राहत मिले। माना जा रहा है कि वह नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले यह संकट सुलझाना चाहते हैं। हालांकि अमेरिकी संसद में कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने ट्रम्प से कहा है कि ईरान के पक्ष में ज्यादा नरम समझौता न किया जाए।
पढ़ें :- राष्ट्रपति ट्रंप की बेटी टिफनी ट्रंप ने ताज का किया दीदार, तो खुशी से आंखें चमक उठीं और उनके मुंह से निकाला वाह ताज, अमेजिंग...
ट्रम्प के ईरान पर हमले न करने के फैसले से नेतन्याहू हैरान : रिपोर्ट
राष्ट्रपति ट्रम्प के ईरान पर हमले को रोक देने के फैसले की जानकारी इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को पहले से नहीं दी गई थी।एक्सिओस की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प के सार्वजनिक बयान से पहले नेतन्याहू को कोई चेतावनी नहीं मिली और वह इस घोषणा से हैरान रह गए। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नेतन्याहू और इजराइली अधिकारी लगातार अमेरिका से ईरान पर सैन्य दबाव बनाए रखने की मांग कर रहे थे। उनका मानना था कि तेहरान बातचीत का इस्तेमाल समय हासिल करने के लिए कर रहा है।