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डॉक्टर कृष्ण मोहन को अब ट्रस्ट का बनाया गया अंतरिम महासचिव, जानें इनके बारे में

By santosh singh 
Updated Date

अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद सोमवार को राम मंदिर ट्रस्ट की करीब तीन घंटे तक बैठक चली। बैठक के बाद कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि (Treasurer Govind Dev Giri) ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया है। संविधान के अनुसार त्यागपत्र देते ही इसे स्वीकृत माना जाता है। इसके बिना कोई चारा नहीं था। उन्होंने कहा कि उनके कार्य का सम्मान करते हुए उनका सम्मान करते हुए इसे स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन को बनाया गया है। उन्होंने कहा कि सारे कामों को कुशलता से वह संपादित करेंगे।

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बता दें कि लंबे विचार-विमर्श और सामूहिक सहमति के बाद आखिरकार श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) ने सोमवार को घोषणा की कि चौपाल की जगह अब कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव बनाया गया है।

जानें कृष्ण मोहन का परिचय?

कृष्ण मोहन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के रहने वाले हैं। उनका शैक्षिक और पेशेवर सफर बेहद रोचक रहा है। वर्ष 1970 में उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद करीब पांच वर्षों तक एटॉमिक एनर्जी विभाग में कार्यरत रहे। इसके पश्चात उनका चयन भारतीय वन सेवा (IFS) में हुआ और उन्हें महाराष्ट्र कैडर मिला।

वर्ष 2012 में सेवा निवृत्त होने के बाद वे सामाजिक कार्यों से जुड़े और समाज में सक्रिय हो गए। उनकी यह पृष्ठभूमि और समाज सेवा के प्रति समर्पण ही कारण रहा कि सर्वसम्मति से उन्हें ट्रस्ट का सदस्य चुना गया। राम मंदिर ट्रस्ट में सदस्य बनने के बाद कृष्ण मोहन ने बताया कि हमारे पिता जी उत्‍तर प्रदेश के बरेली में जॉब करते थे, वहीं हमारा जन्म 1952 में हुआ था, महाराष्ट्र में नौकरी के दौरान हमारा परिचय संघ से हुआ फिर हमने आरएसएस जॉइन किया 2012 से हमने सक्रिय रूप से संघ में कार्य करना शुरू किया।

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