Electoral Bonds New Data : सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के आदेश पर एसबीआई (SBI) से इलेक्टोरल बॉन्ड (Electoral Bond) पर मिले नए डाटा को चुनाव आयोग (Election Commission) ने रविवार (17 मार्च) को अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दिया। चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट पर चुनावी बॉन्ड से जुड़ा नया डेटा जारी किया है, जो व्यक्तियों की ओर से खरीदे गए और राजनीतिक दलों द्वारा भुनाए गए हैं। यह डेटा आयोग ने सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपा था। कोर्ट ने बाद में आयोग से यह डेटा सार्वजनिक करने के लिए कहा था।
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दरअसल, केंद्रीय चुनाव आयोग (Election Commission) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में इलेक्टोरल बॉन्ड (Electoral Bond) पर जमा रिपोर्ट मिलने के बाद उसे सार्वजनिक किया है। ये विवरण 12 अप्रैल, 2019 से पहले की अवधि से संबंधित हैं। इस तिथि के बाद के इलेक्टोरल बॉन्ड विवरण पिछले सप्ताह पोल पैनल द्वारा सार्वजनिक किए गए थे। चुनाव आयोग ने एक बयान में कहा कि राजनीतिक दलों ने सुप्रीम कोर्ट के 12 अप्रैल, 2019 के अंतरिम आदेश के निर्देशानुसार सीलबंद कवर में इलेक्टोरल बॉन्ड पर डेटा दाखिल किया था। इससे पहले चुनाव आयोग (Election Commission) ने 14 मार्च को इलेक्टोरल बॉन्ड (Electoral Bond) से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक किया था। इसमें कंपनियों द्वारा खरीदे गए इलेक्टोरल बॉन्ड और पार्टियों के इसके जरिए मिले चंदे का जिक्र था।
चुनाव आयोग ने विवार एक बयान में कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने सीलबंद लिफाफे में एक पेन ड्राइव में डिजिटल रिकॉर्ड के साथ फिजिकल प्रतियां वापस कर दी हैं. भारत के चुनाव आयोग ने आज सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से डिजिटल रूप में प्राप्त डेटा अपलोड कर दिया है। आयोग ने 19 अप्रैल से 1 जून तक सात चरणों में होने वाले लोकसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा के एक दिन बाद डेटा जारी किया।’
Public disclosure by ECI of the data relating to electoral bonds as
returned by the Supreme Court registry can be found at this link : https://t.co/VTYdeSLhcg pic.twitter.com/x1BANQDjfxपढ़ें :- होली के दिन भी खुली रहेंगी शराब की दुकानें, शौकीन जमकर छलका सकेंगे जाम
— Spokesperson ECI (@SpokespersonECI) March 17, 2024