लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं (Electricity Consumers) को अगस्त महीने में बिजली का बिल (Electricity Bills) और महंगा पड़ेगा। ऊर्जा एवं ईंधन खरीद समायोजन अधिभार (FPPAS) के तहत इस महीने उपभोक्ताओं के बिल में 0.24% अतिरिक्त शुल्क जोड़ा जाएगा। इस संबंध में पावर कॉरपोरेशन ने आदेश जारी कर दिए हैं।
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इस अधिभार के माध्यम से राज्य की बिजली कंपनियां कुल 22.63 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली करेंगी। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष अप्रैल से FPPAS के तहत हर माह बिजली बिल में अधिभार जोड़ा जा रहा है, जिसकी दरें हर महीने ऊर्जा खरीद की लागत के अनुसार बदलती रहती हैं। बीते जुलाई महीने में यह अधिभार 1.97% था, जबकि मई माह में उपभोक्ताओं को अधिभार में छूट दी गई थी। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद (State Electricity Consumer Council) ने इस अधिभार को अनुचित बताते हुए बिलों में कटौती की मांग की है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा (Council President Awadhesh Kumar Verma) ने कहा कि “बिजली कंपनियों पर पहले से ही
उपभोक्ताओं की बकाया राशि है। ऐसे में अधिभार लगाना न्यायसंगत नहीं है। यह बेहतर होगा कि कंपनियां अपनी वसूली इसी बकाया से समायोजित करें।” उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि अगले महीने अधिभार शुल्क ऋणात्मक (Negative) रह सकता है, क्योंकि मई माह के लिए उपभोक्ताओं की ओर से बकाया, बिजली कंपनियों के हिस्से में आएगा।