Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. स्कूल मर्जर मामले में हाईकोर्ट के फ़ैसले पर जताई हैरानी, आप इस लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाएगी : संजय सिंह

स्कूल मर्जर मामले में हाईकोर्ट के फ़ैसले पर जताई हैरानी, आप इस लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाएगी : संजय सिंह

By santosh singh 
Updated Date

लखनऊ। आप प्रदेश प्रभारी व राज्यसभा सांसद संजय सिंह (AAP state in-charge and Rajya Sabha MP Sanjay Singh) ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के बच्चों ने जज साहब से पढ़ाई बचाने की गुहार लगाई थी, लेकिन पहले सरकार ने स्कूल छीना और अब न्यायालय ने उम्मीद भी छीन ली।

पढ़ें :- IND vs AFG 3rd ODI Live : आज अफगानिस्तान के खिलाफ क्लीन स्वीप करने उतरेगी टीम इंडिया, जानें- कब और कहां देख पाएंगे लाइव मैच

उन्होंने कहा कि मैं हाईकोर्ट के फ़ैसले से हैरान हूं। अपनी यह बात आप प्रदेश प्रभारी व सांसद संजय सिंह ने सरकारी स्कूलों को न बंद किए जाने को लेकर दायर एक याचिका पर उच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद कही है। आप सांसद संजय सिंह ने सोमवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि क्या यही है ‘शिक्षा का अधिकार’? उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी इस मामले पर चुप नहीं बैठेगी और इस लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाएगी।

बता दें कि हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ (Lucknow Bench of High Court) ने यूपी के 5000 स्कूलों के मर्जर के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने सरकार के फैसले को सही ठहराया है। कहा कि यह फैसला बच्चों के हित में है। ऐसे मामलों में नीतिगत फैसले को चुनौती नहीं दी जा सकती, जब तक कि वह असंवैधानिक या दुर्भावनापूर्ण न हो।

दरअसल, बेसिक शिक्षा विभाग (Basic Education Department) ने 16 जून, 2025 को एक आदेश जारी किया था। इसमें यूपी के हजारों स्कूलों को बच्चों की संख्या के आधार पर नजदीकी उच्च प्राथमिक या कंपोजिट स्कूलों में मर्ज करने का निर्देश दिया था। सरकार ने तर्क दिया था कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।

सरकार के आदेश के खिलाफ सीतापुर जिले की छात्रा कृष्णा कुमारी समेत 51 बच्चों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। इसके अलावा, एक अन्य याचिका भी दाखिल की गई। याचिकर्ताओं ने कहा था- यह आदेश मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा कानून (RTE Act) का उल्लंघन करता है।

पढ़ें :- क्या TMC के बागी सांसदों की सदस्यता पर लटकी है तलवार? अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर से की मुलाकात

छोटे बच्चों के लिए नए स्कूल तक पहुंचना कठिन होगा। यह कदम बच्चों की पढ़ाई में बांधा डालेगा। इससे असमानता भी पैदा होगी। 4 जुलाई को जस्टिस पंकज भाटिया ने फैसला सुरक्षित कर लिया था। आज दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया गया।

Advertisement