Delhi Kisan Mahapanchayat: दिल्ली में किसान आंदोलन की एक बार फिर आहट सुनाई देने लगी है। संयुक्त किसान मोर्चा ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और व्यापार सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर ‘किसान महापंचायत’ बुलाई है। जिसमें शामिल होने के लिए सोमवार (25 अगस्त, 2025) देश के अलग-अलग हिस्सों से सैकड़ों किसान जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए हैं।
पढ़ें :- आपसी सौहार्द की मिसाल: आग़ाज़ फाउंडेशन में मकर संक्रांति पर खिचड़ी सहभोज का आयोजन
जानकारी के अनुसार, ‘किसान महापंचायत’ में सभी फसलों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी, कृषि, डेयरी, पोल्ट्री और मत्स्य पालन क्षेत्रों को अमेरिका के साथ किसी भी प्रस्तावित समझौते से बाहर रखने विचार-विमर्श किया जाएगा। साथ ही और अब निरस्त कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज पुलिस मामलों को वापस लेने की लंबे समय से चली आ रही मांग पर भी चर्चा होगी। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि सभा शांतिपूर्ण रहेगी और किसानों और समर्थकों से बड़ी संख्या में भाग लेने का आग्रह किया। यह सभा 2020-2021 के किसान आंदोलन के लगभग चार साल बाद हो रही है, जब हजारों लोगों ने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाला था।
केंद्र की मोदी सरकार की ओर से कानूनों को वापस लेने की घोषणा के बाद किसान आंदोलन समाप्त हो गया था, लेकिन कई किसान समूहों ने तब से सरकार पर एमएसपी पर कानून बनाने सहित अपने अन्य वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “हमने मौके पर लगभग 1,200 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई अप्रिय घटना न घटे और कानून-व्यवस्था न बिगड़े।”