बदायूं। ट्रैक्टर एजेंसी (Tractor Agency) के एक डीलर द्वारा आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के दामाद निखिल नंदा (Son-in-law Nikhil Nanda) समेत 9 लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है। यह मामला कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुआ है। मृतक डीलर ने अपनी सुसाइड नोट (Suicide Note) और परिवार को बताया था कि कम सेल होने पर उसे धमकाया जा रहा था और लाइसेंस निरस्त करने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
पढ़ें :- राहुल गांधी बोले- PM कह रहे हैं घबराने की ज़रूरत नहीं, लेकिन वह खुद एपस्टीन फाइल और अडानी केस की वजह से घबराए हुए हैं..
मृतक के भाई ज्ञानेंद्र सिंह की शिकायत पर दातागंज कोतवाली में इन 9 लोगों पर केस दर्ज
आशीष बालियान (एरिया मैनेजर)
सुमित राघव (सेल्स मैनेजर)
दिनेश पंत (बरेली हेड)
पढ़ें :- गर्लफ्रेंड के साथ जश्न में डूबे हार्दिक पांड्या ने किया तिरंगे का अपमान? पुणे के पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज
पंकज भाकर (फाइनेंस कलेक्शन)
अमित पंत (सेल्स मैनेजर)
नीरज मेहरा (सेल्स हेड)
निखिल नंदा (दामाद अमिताभ बच्चन, पुत्र राजन)
शिशांत गुप्ता (डीलर, शाहजहांपुर)
पढ़ें :- US के ऑयल टैंकर शिप पर ईरान ने 'सुसाइड बोट' से किया हमला, एक भारतीय की मौत
एक अज्ञात व्यक्ति
बिक्री बढ़ाने को लेकर कर रहे थे प्रताड़ित, डाल रहे थे दबाव
मृतक जितेंद्र सिंह (40) दातागंज, बदायूं में “जय किसान ट्रेडर्स फार्म ट्रैक ट्रैक्टर” (Jai Kisan Traders Farm Track Tractor) नामक ट्रैक्टर एजेंसी (Tractor Agency) चलाता था। उसका बिजनेस पार्टनर लल्ला बाबू पारिवारिक विवाद के चलते जेल चला गया था, जिससे जितेंद्र अकेले एजेंसी संभाल रहा था। कंपनी के अधिकारी और फाइनेंसर बार-बार एजेंसी पर आकर जितेंद्र पर सेल बढ़ाने का दबाव बना रहे थे। वे कहते थे कि अगर वह सेल नहीं बढ़ाएगा तो एजेंसी का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा और उसे इतना परेशान कर देंगे कि उसकी पूरी संपत्ति बिक जाएगी।
21 नवंबर को सुनाई खरी खोटी और धमकाया
ज्ञानेंद्र सिंह बताया कि 21 नवंबर 2024 को आरोपी एजेंसी पहुंचे और जितेंद्र को खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। अगले दिन, 22 नवंबर 2024 को सुबह 6 बजे, जितेंद्र ने आत्महत्या कर ली। परिवार का कहना है कि यदि कंपनी के अधिकारियों ने मानसिक दबाव न बनाया होता, तो जितेंद्र आत्महत्या नहीं करता।
पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोर्ट जाना पड़ा
पढ़ें :- 'भारत के लिए ज़्यादा LPG सिलेंडर पाने के रास्ते खुल रहे हैं...' केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री का बयान
परिवार ने पहले थाने में शिकायत दी, लेकिन पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। इसके बाद वे उच्च अधिकारियों के पास गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार, परिवार ने कोर्ट का सहारा लिया, जिसके आदेश पर अब एफआईआर दर्ज की गई है। एसएसपी बदायूं बृजेश सिंह (SSP Badaun Brijesh Singh) ने बताया कि मामले में नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पर्दाफाश हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ क्लिक करें