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जस्टिस गुलाम मुर्तुजा मोजुमदार की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति ने हसीना, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान और पूर्व पुलिस प्रमुख चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून पर पांच आरोपों में अभियोग लगाया। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, हसीना और खान पर उनकी अनुपस्थिति में मुकदमा चलाया जा रहा है।
अभियोजकों ने कहा कि हसीना के खिलाफ विद्रोह को दबाने के लिए नरसंहार, हत्या और यातना देने का भी आरोप लगाया गया है।
अभियोजन के वकील ने पत्रकारों को बताया. “बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT-BD) ने हसीना के साथ-साथ उनके शासन के दौरान गृह मंत्री रहे असदुज्जमां खान कमाल और (तत्कालीन) पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) चौधरी अब्दुल्ला अल मामून के खिलाफ भी आरोप तय किए हैं।”
तीनों के खिलाफ पिछले साल जुलाई-अगस्त में छात्रों के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों को दबाने के उनके प्रयासों के लिए मानवता के खिलाफ अपराध का मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। उन्होंने बताया कि एकमात्र मौजूद आरोपी मामून को अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां उन्होंने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
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बाकी दो आरोपियों हसीना और खान की अनुपस्थिति में मुकदमा चलेगा। पिछले साल बांग्लादेश में हुए हिंसक छात्र आंदोलन के चलते अवामी लीग सरकार के बर्खास्त होने के बाद हसीना पांच अगस्त को भारत चली गई थीं।