लखनऊ। यूपी विधानसभा बजट सत्र का आज पांचवां दिन है। राज्यपाल के अभिभाषण पर संबोधित करते हुए सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, राज्यपाल का अभिभाषण पहले से तय था। ये कोई अचानक नहीं हुआ था। इसके बावजूद मुख्य विपक्षी दल ने जैसा व्यवहार किया वो शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि, 2017 से अब तक की यात्रा अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन की यात्रा है। कर्फ्यू से कानून के राज की यात्रा है। उपद्रव से उत्सव की यात्रा है।
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उन्होंने आगे कहा, हम लोगों ने सामूहिक रूप से विश्वास किया कि यूपी से भी परिणाम दिए जा सकते हैं। अब यह प्रदेश बीमारू राज्य नहीं है। आज यह ट्रिपल टी यानी टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफ़ॉर्मेशन की त्रिवेणी बनकर उभरा है। पहली बार सदन में प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण पेश हुआ। सरकार ने डंके की चोट पर कहा कि हमने क्या किया है ये प्रस्तुत कर रहे हैं। आर्थिक सर्वेक्षण विचार से व्यवस्था और व्यवस्था से विकास की अभिनव यात्रा का प्रतीक है, जिसे यूपी की जनता जी रही है। यह नए युग का उद्घोष है।
मुख्यमंत्री योगी ने सपा के शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में अपराधी समानांतर सरकार चला रहे थे। माफिया खुला घूमते थे। न तो बेटियां सुरक्षित थीं और न ही व्यापारी। पर अब यूपी उपद्रव नहीं उत्सव का प्रदेश है। अब प्रदेश में दंगों की जगह टेम्पल इकानॉमी विकसित हो रही है। 2017 के पहले के कुंभ में 12 करोड़ लोग आए थे पर इस बार माघ मेले में ही प्रयागराज में 21 करोड़ लोग स्नान करने आए। ये सब इसलिए हो रहा है क्योंकि लोगों में कानून व्यवस्था को लेकर लोगों का विश्वास जागा है।
उन्होंने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि, बाबर को सजदा करते हैं और वंदे मातरम का विरोध करते हैं। माफिया की कब्र पर फातिहा पढ़ने जाते हैं। भाजपा के कार्यक्रम में वंदेमातरम का कोई विरोध नहीं कर सकता और जो इसका विरोध करता है उसे कान पकड़कर बाहर कर देना चाहिए। वंदे मातरम का जो विरोध करे उसे हिन्दुस्तान में रहने का कोई अधिकार नहीं है।