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Ganesh Chaturthi 2024 : गणपति को घर लाने से पहले ध्यान रखें ये बातें , जानें शुभ मुहूर्त

By अनूप कुमार 
Updated Date

Ganesh Chaturthi 2024 : सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत भगवान गणेश की आराधना से आरंभ होता है। धर्म शास्त्रों में भगवान श्री गणेश को प्रथम पूज्य कहा गया है।  इस बार ये पर्व 7 सितंबर, शनिवार को मनाया जाएगा।  यह 10 दिवसीय त्यौहार है जिसे देश भर में भक्तों द्वारा बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन कई शुभ योग भी बनेंगे, जिसके चलते इस दिन की गई गणेश पूजा का विशेष फल मिलेगा।

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वैदिक पंचांग के अनुसार, 7 सितंबर को गणेश चतुर्थी के मौके पर चित्रा और स्वाति नक्षत्र का योग बन रहा है। ये दोनों ही नक्षत्र बहुत शुभ हैं। इन दोनों नक्षत्रों के संयोग से ब्रह्म और इंद्र नाम के शुभ योग दिन भर रहेंगे।

गणेश उत्सव मनाने के लिए भक्तगण भगवान गणेश की मूर्तियां अपने घर लाते हैं और उनका जन्म मनाते हैं। पूरे भारत में, खासकर महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में भव्य समारोह आयोजित किए जाते हैं।

दस दिवसीय उत्सव शुरू करने से पहले, गणपति को घर लाते समय निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखना चाहिए।

अपने घर को साफ करें: भगवान गणेश की मूर्ति लाने से पहले शुद्ध और स्वच्छ वातावरण बनाने के लिए पूरी तरह से सफाई करें।

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सही स्थान चुनें : भगवान गणेश की मूर्ति को आपके घर के उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) में रखना चाहिए, जिसे शुभ माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह विशेष स्थान सकारात्मकता और समृद्धि लाता है । मूर्ति स्थापित करने से पहले उस क्षेत्र को गंगा जल से

मूर्ति स्थापित करें : मूर्ति को किसी ऊँची जगह पर स्थापित करना चाहिए, जैसे कि लकड़ी की चौकी या टेबल जो साफ होनी चाहिए। इस जगह को पीले कपड़े से ढकना चाहिए, जिसे पवित्र माना जाता है।

मूर्ति रखने वाले स्थान को सजाएँ : मूर्ति के आस-पास की जगह को दीवारों पर स्वास्तिक या ओम स्टिकर, प्रवेश द्वार पर रंगोली, फूलों की सजावट और तोरण आदि से सजाएँ। ये सजावट उत्सव के माहौल को बढ़ाती हैं और दिव्यता की भावना को आमंत्रित करती हैं ।

द्रिक पंचांग के अनुसार शहर-विशिष्ट पूजा समय
पुणे: सुबह 11:18 से दोपहर 1:47 बजे तक
मुंबई: सुबह 11:22 बजे से दोपहर 1:51 बजे तक
नई दिल्ली: सुबह 11:03 बजे से दोपहर 1:34 बजे तक
गुड़गांव: सुबह 11:04 बजे से दोपहर 1:35 बजे तक

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