नई दिल्ली। देश में सोने और चांदी की कीमतें (Gold-Silver Rate) रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रही है। एमसीएक्स पर गोल्ड रेट (Gold Rate MCX) ने अपने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए है। एक सितंबर को सोना और चांदी अपने आलटाइम हाई पर पहुंच गए है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (India Bullion and Jewelers Association) के अनुसार सोमवार को सोना 2,404 रुपए बढ़कर 1,04,792 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इससे पहले सोना 1,02,388 रुपए पर था।
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वहीं चांदी की कीमत (Silver Rate) 5,678 रुपए बढ़कर 1,23,250 रुपए प्रति किलो हो गई है। इससे पहले इसकी कीमत 1,17,572 रुपए थी। सोमवार को सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rate) में तेजी आने की वजह अमेरिकी डॉलर में कमजोरी, सितंबर में फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की ओर से ब्याज दरों में कटौती उम्मीदें और ट्रंप टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताएं रही हैं।
जानकारों कहना है कि अमेरिका के टैरिफ के चलते भू-राजनैतिक तनाव के चलते गोल्ड को सपोर्ट मिल रहा है और इसकी डिमांड भी बढ़ रही है। ऐसे में इस साल सोना 1 लाख 8 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। वहीं, चांदी इस साल 1 लाख 30 हजार रुपए तक जा सकती है। इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 76,162 रुपए से 28,630 रुपए बढ़कर 1,04,792 रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी का भाव भी 86,017 रुपए प्रति किलो से 37,233 रुपए बढ़कर 1,23,250 रुपए पर पहुंच गया है। वहीं पिछले साल यानी 2024 में सोना 12,810 रुपए महंगा हुआ था।
देश के प्रमुख शहरों में सोने के दाम
दिल्ली: 24 कैरेट सोने की कीमत 1,06,030 रुपये और 22 कैरेट सोने की कीमत 97,200 रुपये
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मुंबई: 24 कैरेट सोने की कीमत 1,05,8800 रुपये और 22 कैरेट सोने की कीमत 97,050 रुपये
कोलकाता: 24 कैरेट सोने की कीमत 1,05,880 रुपये और 22 कैरेट सोने की कीमत 97,050 रुपये
चेन्नई: 24 कैरेट सोने की कीमत 1,05,880 रुपये और 22 कैरेट सोने की कीमत 97,050 रुपये
ट्रंप को बड़ा झटका
दरअसल, पिछले सप्ताह अमेरिकी फेडरल अपील कोर्ट से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन की ओर से अपने व्यापारिक साझेदार देशों पर लगाए गए हाई टैरिफ को गलत करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि ट्रंप ने प्रेसिडेंटल अथॉरिटीज का गलत इस्तेमाल किए हैं। हालांकि, कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट में अपील करने के लिए 14 अक्टूबर तक टैरिफ को बरकरार रखा है। इस खबर के आने के बाद डॉलर में कमजोरी देखने को मिली है और निवेशक सोने की खरीद की ओर अपना रुख किए हैं।
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डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट प्रमुख कारण
सर्राफा कारोबारियों (Bullion Traders) का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प (US President Trump) के टैरिफ प्लान (Tariff Plan) और व्यापार युद्ध के डर से निवेशक सोने को सुरक्षित मानकर खरीदारी कर रहे है। जबकि डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट के चलते भी सोना महंगा होना भी एक प्रमुख कारण है। इसके अलावा चीन और रूस जैसे देश बड़ी मात्रा में सोना खरीद रहे हैं, जिससे बाजार में सोने की मांग बढ़ी है। रूस-यूक्रेन के युद्ध (Russia-Ukraine War) खत्म न होने से अस्थिरता से लोग सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं।