पर्दाफाश न्यूज़ ब्यूरो गोरखपुर :: महायोगी गोरखनाथ एयरपोर्ट के विस्तार का रास्ता साफ हो गया है। 42 एकड़ में गोरखपुर एयरपोर्ट का नया टर्मिनल भवन बनेगा। इसके लिए एयरफोर्स की ओर से लगभग 42.20 एकड़ जमीन एयरपोर्ट को दे दी है। इसको लेकर एयरपोर्ट पर मंगलवार को जिला प्रशासन, एयरपोर्ट अथाॅरिटी ऑफ इंडिया और एयरफोर्स के बीएच एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) पर हस्ताक्षर किए गए।
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तीन माह में इसका डिजाइन तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। इसके निर्माण में एक हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। माना जा रहा है कि अगले चार वर्षों में नया टर्मिनल भवन बनकर तैयार हो जाएगा।
एयरपोर्ट विस्तार के लिए एयरफोर्स मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) की जमीन दे रहा है। यह जमीन वर्तमान एयरपोर्ट से सटी है। यहां एयरफोर्स की कई बिल्डिंग भी है, जिसे एयरफोर्स काॅलोनी की ओर शिफ्ट किया जा रहा है। भवन बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है। इसके बाद एमईएस परिसर में बने भवनों को तोड़ दिया जाएगा। उसके बाद टेंडर की प्रक्रिया की जाएगी।
एयरपोर्ट के विस्तार के बाद यात्रियों को नई सुविधाएं मिलेंगी। एक साथ 10 प्लेन खड़ा करने के लिए एप्रन उपलब्ध होगा। इसके साथ ही कार के लिए भी पार्किंग बनाई जाएगी। नया टर्मिनल भवन बन जाने के बाद यहां से रोज लगभग 200 फ्लाइट उड़ान भर सकेंगी।
पीएम मोदी के हाथों हो सकता है शिलान्यास
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एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का शिलान्यास छह महीने के भीतर किया जा सकता है। डिजाइन को मंजूरी मिलने के बाद एस्टीमेट फाइनल होगा। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद शिलान्यास का कार्यक्रम कर टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। काम शुरू होने के बाद लगभग तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है। इसका शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर सकते हैं।
प्रतिघंटे आ-जा सकेंगे 2500 यात्री
एयरपोर्ट निदेशक आरके पराशर ने बताया कि नया टर्मिनल भवन बन जाने के बाद प्रति घंटा यात्रियों के आने-जाने की क्षमता बढ़ जाएगी। अभी 270 यात्री प्रति घंटे आते-जाते हैं। विस्तार हो जाने के बाद 2500 यात्री प्रति घंटे आ-जा सकेंगे। नंदानगर की ओर राउंड ओवर बनाया जाएगा।
अंडरपास का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त फोरलेन की कनेक्टिविटी भी होगी। गाड़ियों को खड़ा करने के लिए पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। एक साथ 1400 कार यहां पार्क की जा सकेगी। अभी एक ही एप्रन है। इसके कारण फ्लाइट लैंड होने के बाद कभी-कभी लंबे समय तक फ्लाइट में ही यात्रियों को इंतजार करना पड़ता है।
विस्तार के बाद 10 फ्लाइट खड़ा करने के लिए जगह उपलब्ध होगी, जिससे यहां से 24 घंटे में 200 फ्लाइटों की उड़ान हो सकेगी। अभी 26 उड़ानें होती हैं। इनमें 13 फ्लाइट आती हैं और इतनी ही जाती हैं।