‘Vande Mataram’ singing and playing Rule: केंद्र की मोदी सरकार ने ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 2025-2026 में विशेष राष्ट्रव्यापी समारोह और संसद में विशेष चर्चा आयोजित की थी। अब सरकार की ओर से राष्ट्रीय गीत को लेकर एक नया आदेश जारी किया है। जिसके तहत सार्वजनिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के 6 छंदों को बजाना या गाना अनिवार्य होगा।
पढ़ें :- Russian Oil : ट्रंप के दावे पर रूस का बड़ा बयान, कहा- भारत किसी भी सप्लायर से तेल खरीदने के लिए स्वतंत्र
‘वंदे मातरम’ के 6 छंदों की कुल अवधि 3 मिनट और 10 सेकंड होगी। राष्ट्रीय गीत को लेकर नया नियम राष्ट्रीय ध्वज फहराने, कार्यक्रमों में राष्ट्रपति के आगमन, उनके भाषणों या राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले और बाद में लागू होगा। राज्यों के राज्यपालों के आगमन और उनके भाषणों से पहले और बाद में भी इसी निर्धारित अवधि और संस्करण का पालन करना अनिवार्य होगा। इस आदेश का उद्देश्य आधिकारिक प्रोटोकॉल के तहत राष्ट्रीय गीत के सम्मान और उसकी प्रस्तुति में एकरूपता सुनिश्चित करना है।
बता दें कि राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के पूरे छह छंद बजाए जाएंगे, जिनमें से चार छंद 1937 में कथित तौर पर कांग्रेस ने हटा दिए थे। यह फैसला स्वतंत्रता संग्राम के इस गीत को उसकी मूल शक्ति के साथ वापस लाने की कोशिश है।
‘वंदे मातरम’ के पूरे छह छंद
छंद- 1
पढ़ें :- Budget 2026: सीएम योगी बोले-भारत विश्व की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर, यह प्रत्येक भारतवासी के लिए गर्व का है विषय
वन्दे मातरम्।
सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्।
शस्यशामलां मातरम्।
शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीं।
फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीं।
पढ़ें :- 28 फरवरी की रात में आसमान में ग्रहों की होगी परेड, क्या भारत में नजर आएगा अद्भुत दृश्य?
सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीं।
सुखदां वरदां मातरम् ।।
वन्दे मातरम् ।।
छंद- 2
वन्दे मातरम्।
कोटि-कोटि-कण्ठ-कल-कल-निनाद-कराले।
पढ़ें :- T20 WC 2026: टी20 विश्व कप से पहले पाकिस्तान ने शुरू किया ड्रामा, भारत के साथ नहीं खेलेगा मैच
कोटि-कोटि-भुजैधृत-खरकरवाले।
अबला केन मा एत बले।
बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीं।
रिपुदलवारिणीं मातरम्।।
वन्दे मातरम्।।
छंद- 3
वन्दे मातरम्।
पढ़ें :- विकसित भारत के निर्माण में नारी-शक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी...गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का संदेश
तुमि विद्या, तुमि धर्म।
तुमि हृदि, तुमि मर्म।
त्वं हि प्राणाः शरीरे।
बाहुते तुमि मा शक्ति।
हृदये तुमि मा भक्ति।
तोमारई प्रतिमा गडि।
मन्दिरे-मन्दिरे मातरम्।।
वन्दे मातरम्।।
छंद- 4
वन्दे मातरम्।
त्वं हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी।
कमला कमलदलविहारिणी।
वाणी विद्यादायिनी।
नमामि त्वाम्।
नमामि कमलां अमलां अतुलां ।
सुजलां सुफलां मातरम् ।।
वन्दे मातरम्।।
छंद- 5
वन्दे मातरम्।
श्यामलां सरलां सुस्मितां भूषितां ।
धरणीं भरणीं मातरम्।
शत्रु-दल-वारिणीं।
मातरम् ।।
वन्दे मातरम्।।
छंद- 6
वन्दे मातरम्।
त्वं हि शक्ति, त्वं हि शक्ति।
त्वं हि शक्ति मातरम्।
वन्दे मातरम्।।