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Gyanvapi Case : मुस्लिम पक्ष की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार, कहा- हाई कोर्ट जाइए

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। ज्ञानवापी परिसर (Gyanvapi Campus) स्थित व्यास तहखाना (Vyas Tehkhana) में पूजा पर रोक लगाने की मसाजिद कमेटी (Masjid Committee)  की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया है। बता दें कि जिला अदालत के व्यास तहखाना में पूजा की इजाजत देने वाले आदेश के खिलाफ कमेटी की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मसाजिद कमेटी (Masjid Committee) को हाई कोर्ट जाने का सुझाव भी दिया है।

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बताते चलें कि ज्ञानवापी परिसर (Gyanvapi Campus) में व्यास जी तहखाने में पूजापाठ के वाराणसी कोर्ट (Varanasi Court) के आदेश के खिलाफ मस्जिद पक्ष ने आज तड़के तीन बजे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  के मुख्य न्यायधीश डीवाई चंद्रचूड़ (Chief Justice DY Chandrachud) ने फाइल देखने के बाद मस्जिद पक्ष को हाईकोर्ट जाने के लिए कहा है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के मुख्य न्यायधीश डीवाई चंद्रचूड़ (Chief Justice DY Chandrachud) ने मुस्लिम पक्ष के वकीलों से कहा कि आपको कोई भी राहत चाहिए तो आप इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) के मुख्य न्यायाधीश के सामने जा सकते हैं।

सुबह 3 बजे ही कोर्ट पहुंची कमेटी

ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Mosque) की कानूनी टीम जिसमें वकील फुजैल अय्यूबी, निज़ाम पाशा और आकांशा शामिल थे। उन्होंने आज सुबह 3 बजे सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के रजिस्ट्रार से संपर्क किया। मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट से वाराणसी कोर्ट (Varanasi Court)  के आदेश पर रोक लगाने का अनुरोध किया, ताकि मुस्लिम पक्ष कानूनी उपाय तलाश सके। आज सुबह तीन बजे ही मुस्लिम पक्ष ने रजिस्ट्रार से करीब एक घंटे तक बातचीत की।

30 साल बाद पूजा-पाठ शुरू

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गौर रहे कि जिला अदालत ने बुधवार को ज्ञानवापी परिसर (Gyanvapi Campus) में व्यासजी के तहखाने में 30 साल बाद पूजा-पाठ की इजाजत दी थी। आदेश पर अमल करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने कड़ी सुरक्षा में तहखाने में देर रात से ही पूजा-अर्चना शुरू करा दी। गुरुवार तड़के मंगला आरती (Mangala Aarti) भी हुई।

जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश (District Judge Dr. Ajay Krishna Vishwesh) की अदालत ने बुधवार को अपने आदेश में कहा कि व्यासजी के तहखाने में स्थित मूर्तियों की पूजा राग-भोग व्यास परिवार और काशी विश्वनाथ ट्रस्ट बोर्ड (Kashi Vishwanath Trust Board) के पुजारी से कराएं। जिला जज ने अपने ऑर्डर में लिखा है कि रिसीवर जिला मजिस्ट्रेट को यह निर्देश दिया जाता है कि वह चौक थाना क्षेत्र के सेटलमेंट प्लाट नंबर-9130 में स्थित भवन के दक्षिण के तरफ स्थित तहखाने में स्थित मूर्तियों की पूजा राग-भोग पुजारी से कराएं।

इसके साथ ही अदालत ने कहा कि इस संबंध में रिसीवर सात दिन के भीतर लोहे की बाड़ का उचित प्रबंध कराएं। अदालत ने मुकदमे की सुनवाई की अगली तिथि 8 फरवरी दी है। इस बीच वादी और प्रतिवादी पक्ष अपनी आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते हैं। ज्ञानवापी परिसर स्थित व्यासजी का तहखाना जिलाधिकारी को सुपुर्द किए जाने और वहां दिसंबर 1993 के पहले के जैसे ही पूजा-पाठ करने की अनुमति के संबंध में 25 सितंबर 2023 को जिला अदालत में शैलेंद्र कुमार पाठक व्यास ने वाद दाखिल किया था।

देर रात हुई पूजा-आरती

कल कोर्ट के फैसले के बाद आज ज्ञानवापी में व्यास जी के लिए मस्जिद के एक तहखाने को खोल दिया गया। इसके बाद बुधवार-गुरूवार की देर रात वहां पूजा और आरती की खबरें हैं। वाराणसी के कमिश्नर कौशल राज शर्मा (Varanasi Commissioner Kaushal Raj Sharma) ने वाराणसी की अदालत (Varanasi Court)  के फैसले के अनुसार पूजा, आरती होने की बात की।

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