12 लड़कों के साथ एक छोटे से फ्लैट में रहना पड़ता था और मात्र 2 हजार रुपये महीने का किराया देना भी मुश्किल लगता था। लेकिन आज वही कार्तिक इंडस्ट्री के सबसे ज्यादा फीस लेने वाले सितारों में गिने जाते हैं और उनके नाम नेशनल अवॉर्ड भी दर्ज हो चुका है...
Bollywood Stories: वो कहते हैं न कि अगर सपनों को पूरा करने का जुनून हो, तो संघर्ष कितना भी बड़ा क्यों न हो, मंजिल एक दिन जरूर मिलती है। बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। कभी मुंबई में ऑडिशन देने के लिए कॉलेज की क्लास बंक करनी पड़ती थी, 12 लड़कों के साथ एक छोटे से फ्लैट में रहना पड़ता था और मात्र 2 हजार रुपये महीने का किराया देना भी मुश्किल लगता था। लेकिन आज वही कार्तिक इंडस्ट्री के सबसे ज्यादा फीस लेने वाले सितारों में गिने जाते हैं और उनके नाम नेशनल अवॉर्ड भी दर्ज हो चुका है।
ग्वालियर में जन्मे कार्तिक आर्यन, जिनका असली नाम कार्तिक तिवारी है, उनकी कहानी इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि अगर इंसान अपने सपनों को पूरा करने के लिए पूरी मेहनत और लगन से जुट जाए, तो हर मुश्किल रास्ता भी आसान हो सकता है। डॉक्टर परिवार में जन्मे कार्तिक बचपन से ही अभिनेता बनने का सपना देखते थे। परिवार चाहता था कि वह मेडिकल क्षेत्र में अपना करियर बनाएं, लेकिन उन्होंने अपने दिल की सुनी और इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान परिवार को बिना बताए ही फिल्मों के लिए ऑडिशन देना शुरू कर दिया। कई बार वह क्लास बंक कर ऑडिशन देने जाते इसके बावजूद उन्हें लगातार रिजेक्शन का सामना करते रहे।

उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि शुरुआत में फ्लैटमेट्स को भी नहीं पता था कि वह अभिनेता बनने आए हैं। उन्होंने सबको यही बताया था कि वह बायोटेक की इंटर्नशिप कर रहे हैं। साल 2011 में फिल्म ‘प्यार का पंचनामा’ से बॉलीवुड में डेब्यू मिला लेकिन इससे उन्हें बड़ी पहचान नहीं मिली। इसके बाद ‘आकाश वाणी’, ‘कांची’ और ‘गेस्ट इन लंदन’ जैसी फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर खास कमाल नहीं दिखा सकीं। फिर आया साल 2018 और फिल्म ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’, जिसने कार्तिक आर्यन की किस्मत बदल दी। इसके बाद ‘लुका छुपी’, ‘भूल भुलैया 2’, ‘सत्यप्रेम की कथा’ और ‘भूल भुलैया 3’ जैसी फिल्मों ने उनकी लोकप्रियता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। सबसे भावुक बात यह रही कि सफलता मिलने के बाद उन्होंने वही फ्लैट खरीद लिया, जहां कभी किराया देना भी उनके लिए मुश्किल था। यह उनके संघर्ष और सफलता का सबसे खूबसूरत प्रतीक माना जाता है।
हाल ही में फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में भारत के पहले पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर का किरदार निभाने के लिए कार्तिक आर्यन को 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का सम्मान मिला। यह उपलब्धि उनके फिल्मी सफर का अब तक का सबसे बड़ा पड़ाव मानी जा रही है और इसने साबित कर दिया कि मेहनत, धैर्य और जुनून का फल एक दिन जरूर मिलता है।
रिपोर्ट: कल्पना पाण्डे