सावन का महीना आते ही चारों तरफ हरियाली और त्योहारों की उमंग छा जाती है। सुहागिन महिलाओं के लिए हरियाली तीज का त्योहार बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हरियाली तीज का त्योहार एक अधूरी मिठास के बिना अधूरा माना जाता है?
लखनऊ। सावन का महीना आते ही चारों तरफ हरियाली और त्योहारों की उमंग छा जाती है। सुहागिन महिलाओं के लिए हरियाली तीज का त्योहार बेहद खास होता है। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा-अर्चना करती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हरियाली तीज का त्योहार एक अधूरी मिठास के बिना अधूरा माना जाता है? जी हां, हम बात कर रहे हैं रबड़ी घेवर राजस्थान की सबसे प्रसिद्ध और पारंपरिक मिठाइयों में से एक है।
सावन की फुहारों के बीच घेवर खाने का अपना ही मजा है। अक्सर लोग सोचते हैं कि घेवर बनाना बहुत मुश्किल काम है और इसे सिर्फ हलवाई ही सही तरीके से बना सकते हैं। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है! आज हम आपके लिए लेकर आए हैं घेवर बनाने की बेहद आसान और सरल रेसिपी, जिसकी मदद से आप घर पर ही एकदम जालीदार और करकुरा घेवर तैयार कर सकती हैं।
घेवर बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
बैटर के लिए : 2 कप मैदा, 4 बड़ा चम्मच देसी घी (ठंडा/जमा हुआ), 4-5 बर्फ के टुकड़े, 1/2 कप ठंडा दूध, 4 कप एकदम ठंडा पानी, 1 चम्मच बेसन।
चाशनी के लिए: 1.5 कप चीनी, 1 कप पानी, 1/2 छोटा चम्मच इलायची पाउडर, थोड़े से केसर के धागे।
सजावट के लिए: बारीक कटे हुए बादाम और पिस्ता, चांदी का वर्क (ऐच्छिक), मलाई या रबड़ी।
तलने के लिए : देसी घी या रिफाइंड तेल।
बनाने की आसान विधि
चाशनी तैयार करें: एक बर्तन में चीनी और पानी मिलाकर मध्यम आंच पर चढ़ाएं। इसमें इलायची पाउडर और केसर डालें। 1 तार की चाशनी बनने तक इसे पकाएं और फिर गैस बंद करके थोड़ा ठंडा होने दें।
परफेक्ट जालीदार बैटर बनाएं: एक बड़े बर्तन या मिक्सी के जार में जमा हुआ घी और बर्फ के टुकड़े डालें। इसे तब तक फेंटें जब तक घी सफेद और मलाईदार (क्रीम जैसा) न हो जाए। अब इसमें दूध डालें और फिर से चलाएं। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा करके मैदा और बेसन मिलाएं। अब इसमें धीरे-धीरे एकदम बर्फीला ठंडा पानी डालते हुए एक पतला घोल (बैटर) तैयार कर लें। ध्यान रखें कि घोल में गांठे न रहें और यह काफी पतला होना चाहिए।
घेवर तलने का सही तरीका: एक गहरे भगोने या घेवर के सांचे में आधा से ज्यादा घी या तेल गर्म करें। घी एकदम तेज गर्म होना चाहिए। अब चम्मच या बोतल की मदद से घोल को थोड़ी ऊंचाई से धार बनाकर बिल्कुल बीच में डालें। जैसे ही झाग शांत हो, फिर से थोड़ा सा घोल डालें। ऐसा 10-15 बार करें। बीच में बेलन की मदद से एक छोटा सा छेद बना लें। जब घेवर का रंग सुनहरा भूरा हो जाए, तो इसे सावधानी से लकड़ी की सिलाई या चिमटे की मदद से बाहर निकाल लें और जाली पर रख दें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।
चाशनी और रबड़ी से सजाएं: गरमा-गरम या हल्के ठंडे घेवर के ऊपर गुनगुनी चाशनी डालें। अगर आपको मलाई घेवर पसंद है, तो चाशनी के ऊपर गाढ़ी रबड़ी की परत लगाएं। ऊपर से कटे हुए बादाम, पिस्ता और केसर से सजावट करें।
लीजिये, आपका स्वादिष्ट और क्रिस्पी होममेड घेवर तैयार है! इस हरियाली तीज पर अपने हाथों से बने इस घेवर का भोग लगाएं और परिवार के साथ त्योहार की मिठास का आनंद लें।
रिपोर्ट : दीपांजली मिश्रा