Hartalika Teej 2024 : सनातन धर्म में सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य का वर पाने के लिए भगवान शिव और माता पर्वती की पूजा करतीं है और उनसे सदा सुहागिन होने का वर मांगतीं है। मान्यता है कि तीज व्रत का पालन करने से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्यवती होने का वर मिलता है। हरतालिका तीज भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है ।
पढ़ें :- Aaj Ka Rashifal 20 May: इन राशियों की आज चमकेगी किस्मत, व्यापार और नौकरी में मिलेगा लाभ
इस साल हरतालिका तीज 6 सितंबर को मनाई जाएगी। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए निर्जला उपवास करती हैं। साथ ही सोलह श्रृंगार करती हैं। आपको बता दें कि इस दिन किए जाने वाले 16 श्रृंगारों का खास महत्व होता है।
हरतालिका तीज पर 16 श्रृंगार का महत्व
सोलह श्रृंगार एक ऐसी रस्म है, जिसके तहत महिलाएं सिर से लेकर पैर तक कुछ न कुछ सुहाग की निशानी को पहनती हैं। इसमें माथे पर बिंदी मांग में सिंदूर हाथों में चूड़ी-कंगन और पैरों में पायल जैसी चीजें शामिल होती हैं। जिनको शादी के बाद हर महिला को नियमित रूप से धारण करना होता है।