Hathras News: हाथरस में हुए दर्दनाक हादसे में अब तक 121 लोगों की मौत हो गई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग घायल हैं। घायलों से मिलने के बाद आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाथरस पहुंचे हैं, जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। वहीं, इन सबके बीच हारस एसडीए की हादसे पर रिपोर्ट सामने आई है, जो बेहद ही चौंकाने वाली है। एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में खुलासा किया कि, सत्संग में दो लाख से ज्यादा लोगों की भीड़ आई थी। इसके साथ ही बाबा के निजी सुरक्षा कर्मियों को भी जिम्मेदार बताया गया है।
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एसडीएम की रिपोर्ट में बताया गया कि हाथरस के फुलरई गांव में भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि का सत्संग था। नारायण साकार हरि (भोले बाबा) लगभग दोपहर 12.30 बजे सत्संग पांडाल में पहुंचे। एक घंटे तक कार्यक्रम चला। सत्संग में लगभग दो लाख से अधिक की भीड़ उपस्थित थी। दोपहर 1.40 बजे नारायण हरि (भोले बाबा) पंडाल से निकलकर एटा की ओर जाने के लिए आए तो जिस रास्ते से भोले बाबा निकल रहे थे उस रास्ते की तरफ भक्त उनका आशीर्वाद और उनके चरणों की रज लेकर अपने माथे पर लगाने लगे।
जीटी रोड के डिवाइडर पर भी पहले से ही बहुत सारे लोग दर्शन के लिए खड़े थे। उन्होंने बाबा की ओर बढ़ना शुरू कर दिया और उनकी गाड़ी के पीछे दौड़ने लगे। बाबा के चरण रज की धूल उठाने के लिए श्रद्धालु वाहन की ओर दौड़ने लगे तो बाबा के साथ उनके निजी सुरक्षाकर्मी (ब्लैक कमाडो) एवं सेवादारों द्वारा लोगों के साथ धक्का-मुक्की करना शुरू कर दिया। जिससे कुछ लोग नीचे गिर गये। तब भी भीड़ नहीं मानी और अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया, भगदड़ मच गई।
जिसके बाद लोग कार्यक्रम स्थल के सामने खुले खेत की तरफ सड़क के दूसरी ओर भागे। जहां सड़क से खेत की ओर उतरने के दौरान ढालनुमा जगह होने के कारण ज्यादातर लोग फिसलकर गिर गए। इसके बाद पुनः उठ नहीं सके और भीड़ उनके ऊपर से होकर इधर-उधर भागने लगी।