नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने अपना लगातार 9वां बजट (9th Budget) पेश किया। इस बजट को विकसित भारत (Developed India) के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक बताया है। देश के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर (Health Infrastructure) को और मजबूत बनाने के लिए कई अहम ऐलान किए गए हैं।
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स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
सरकार अब कौशल पर आधारित रोजगार पर ज्यादा ध्यान देगी। इसके लिए स्वास्थ्य पेशेवरों को तैयार करने वाले संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। रेडियोलोजी और एनेस्थीसिया जैसे क्षेत्रों पर खास फोकस रहेगा। अगले पांच वर्षों में देश में एक लाख नए एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल (AHP) जोड़े जाएंगे। साथ ही, 1.5 लाख केयर गिवर्स को ट्रेनिंग दी जाएगी।
मेडिकल टूरिज्म और रोजगार के नए मौके
देश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पांच बड़े मेडिकल हब बनाए जाएंगे। इन हब को बनाने में निजी क्षेत्र की भी भागीदारी होगी। इन हेल्थकेयर कॉम्प्लेक्स में आयुष केंद्र, जांच केंद्र और इलाज के बाद की देखभाल के लिए सेंटर भी होंगे। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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‘बायो-फार्मा शक्ति’ मिशन की शुरुआत
भारत को दवाओं के निर्माण का एक बड़ा वैश्विक केंद्र बनाने की तैयारी है। इसके लिए सरकार ‘बायो-फार्मा शक्ति’ (Bio-Pharma Shakti) नाम से एक पहल शुरू कर रही है। इस बड़ी योजना पर अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका मुख्य मकसद नई तकनीक और इनोवेशन के जरिए स्वास्थ्य क्षेत्र को पूरी तरह बदलना है।
नए संस्थान और रिसर्च को बढ़ावा
इस मिशन के तहत देश में रिसर्च को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा। बायो-फार्मा क्षेत्र में शोध के लिए तीन नए राष्ट्रीय संस्थान खोले जाएंगे। इसके अलावा, देश में पहले से मौजूद सात संस्थानों को भी अपग्रेड किया जाएगा। रिसर्च और टेस्टिंग में तेजी लाने के लिए देशभर में 10,000 से ज्यादा क्लीनिकल ट्रायल साइट का नेटवर्क भी बनेगा। साथ ही, योग और आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेदिक संस्थान भी बनाए जाएंगे।
बजट 2024-25 में क्या था?
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बजट 2024-25 (Budget 2024-25) में स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health) के लिए 90,958 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। आयुष्मान भारत योजना (Ayushman Bharat Scheme) के लिए 7,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था। 2025-26 का बजट विशेष रूप से कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों के उपचार को सुलभ बनाने और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर अधिक केंद्रित है।