आजकल व्यस्त जीवनशैली की वजह से समय की बचज करने के लिए आजकल फ्रोजन फूड और पैक्ड फूड का बहुत अधिक इस्तेमाल किया जाता है। इसे हेल्थ के लिए सही नहीं माना जाता है।
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फ्रोजन फूड्स को लंबे समय तक रखने के लिए हाइड्रोजेनेटेड पाम ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें हानिकारक ट्रांस फैट पाये जाते है। इसमें स्टार्च और ग्लूकोज अधिक होता है। फ्रोजन और प्रिजरल फूड को प्रेश रखने के लिए केमिकल्स का यूज किया जाता है।
फ्रोजन फूड को ताजा बनाए रखने के लिए स्टार्च का यूज किया जाता है। इस स्टार्च से खाने का टेस्ट तो बढ़ जाता है लेकिन इसे पचाने में दिक्कत होती है। इस तरह खाने से शरीर ग्लोकोज को शुगर में बदल देता है।
इतना ही नहीं फ्रोजन और प्रोसेस्ड फूड खाने से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ता है। फ्रोजन फूड में ट्रांस फैट्स की मात्रा ज्यादा होती है जो धमनियों में क्लाट की समस्या बढ़ाता है। ट्रांस फैट्स से शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और अच्छा कोलेस्ट्रॉल कम होता है।
इससे हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ जाता है। फ्रोजन फूड में फैट की मात्रा काफी ज्यादा होती है जिससे शरीर में मोटापा बढ़ने लगता है। इस तरह के खाने को पोषक तत्वों से भरपूर बताया जाता है, लेकिन डॉक्टर्स इसे सेहत के लिए धीमा जहर मानते हैं।