Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. पर्दाफाश
  3. ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप-नेतन्याहू में हुई तीखी बहस? अमेरिकी राष्ट्रपति ने दी प्रतिक्रिया

ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप-नेतन्याहू में हुई तीखी बहस? अमेरिकी राष्ट्रपति ने दी प्रतिक्रिया

By Abhimanyu 
Updated Date

US-Israel-Iran War : अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष के लगभग तीन हफ्ते होने जा रहे हैं। युद्ध में ईरान उम्मीद के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल पर भारी पड़ता दिख रहा है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खबरों को खारिज किया है। जिनमें दावा किया गया था कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ उनके बीच बहस हुई थी।

पढ़ें :- ट्रंप-नेतन्याहू को खुश करने के लिए PM मोदी BRICS+ की अध्यक्षता का महत्व घटा रहे हैं: कांग्रेस

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनके और नेतन्याहू के बीच संबंध बेहद खास बने हुए हैं और दोनों नेता मिलकर काम कर रहे हैं। एयर फ़ोर्स वन में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “यह फ़ेक न्यूज़ फैलाई गई है कि मेरी बीबी (नेतन्याहू) के साथ बहस हुई थी; हमारी आपस में बहुत अच्छी बनती है। उनके साथ मेरे रिश्ते असाधारण हैं।” इस दौरान ट्रंप ने USS अब्राहम लिंकन (CVN-72) पर हमले के दावे को गलत बताया। उन्होंने कहा, “ईरान गलत जानकारी फैलाता है। वे AI और फ़ेक न्यूज़ का इस्तेमाल करते हैं। USS अब्राहम लिंकन (CVN-72) पर कभी हमला नहीं हुआ। उनकी कामिकाज़े नावें AI से बनी हैं, वे असल में हैं ही नहीं, वे फ़ेक हैं।”

युद्ध से प्रभावित स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ की स्थिति पर बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “दूसरे देशों का इसमें शामिल होना अच्छा रहेगा। दो हफ़्ते पहले UK के प्रधानमंत्री अपने एयरक्राफ्ट कैरियर को ख़तरे में डालने से हिचकिचा रहे थे; हमें समर्थन मिले या न मिले, हम इसे याद रखेंगे।” ट्रंप ने कहा, “ईरान ने एक चौक पर लगभग 2,50,000 लोगों को ख़ामेनेई का समर्थन करते हुए दिखाया, जो पूरी तरह से AI-जनरेटेड था। ऐसा कभी हुआ ही नहीं; वह रैली फ़र्ज़ी थी।”

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “ईरान का नेतृत्व हिंसक और क्रूर है। उन्होंने एक नोटिस जारी कर कहा है कि प्रदर्शनकारियों को गोली मार दी जाएगी। मैं पूरी तरह समझ सकता हूँ कि लोग प्रदर्शन क्यों नहीं कर रहे हैं।” ईरान युद्ध पर उन्होंने कहा, “जैसे ही यह खत्म होगा, तेल की कीमतें तेज़ी से नीचे गिर जाएंगी, और यह बहुत जल्द खत्म हो जाएगा।”

पढ़ें :- ईरान के साथ सीधे बातचीत से भारतीय जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने में मदद मिली: एस. जयशंकर
Advertisement