नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकवादी हमले (Pahalgam Terrorist Attack) में अपनी जान गंवाने वाले भारतीय नौसेना के दिवंगत अधिकारी लेफ्टिनेंट विनय नरवाल (Lieutenant Vinay Narwal) का पुष्पांजलि समारोह बुधवार को कार्गो टर्मिनल पर आयोजित किया गया। इससे पहले कि उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए हरियाणा के करनाल में उनके गृहनगर भेजा जाता। इस दौरान उनकी विधवा पत्नी हिमांशी (Widow wife Himanshi) की हालत देखकर दिल टूट गया। सभी की जुबान पर बस एक ही बात थी कि भगवान ऐसा दिन किसी को ना दिखाए।
पढ़ें :- UP News: यूपी में जिला पंचायत अध्यक्ष बने प्रशासक, सरकार ने जारी किया आदेश
Video-पति लेफ्टिनेंट विनय नरवाल के ताबूत से लिपटकर हिमांशी बार-बार एक ही सवाल पूछ रही थी, मैं अब कैसे जिऊंगी? pic.twitter.com/jZ8WPBg2iX
— santosh singh (@SantoshGaharwar) April 23, 2025
शोक संतृप्त परिवार के सदस्य, करीबी दोस्त और रिश्तेदार भी जवान को भावभीनी श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए। मृतक नौसेना अधिकारी की विधवा ने गंभीर सैन्य समारोह के दौरान भावपूर्ण विदाई दी, अपने दिवंगत पति को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में याद किया, जिन्होंने सम्मान के साथ जीवन जिया और साहस की विरासत छोड़ी। मौन और सलामी से चिह्नित हृदय विदारक दृश्य में, मृतक नौसेना अधिकारी की विधवा अपने पति के सम्मान में आयोजित अंतिम संस्कार समारोह में गमगीन खड़ी थी।
पढ़ें :- बिहार में बहुत जल्दी सरकार गिरने वाली है...तेज प्रताप यादव के बयान के बाद बढ़ी सियासी हलचल
विनय की पत्नी ने अपने पति को विदाई देते हुए कहा कि मुझे उम्मीद है कि उनकी आत्मा को शांति मिले। उन्होंने एक अच्छा जीवन जिया। उन्होंने हमें वास्तव में गौरवान्वित किया है और हमें हर तरह से इस गौरव को बनाए रखना चाहिए। इस दौरान उनकी आवाज भावनाओं से कांप रही थी और वे रो पड़ीं। अपने पति के ताबूत से लिपटकर वह बार-बार एक ही सवाल पूछ रही थी- मैं अब कैसे जिऊंगी? कैसे रहूंगी?