लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में बीते गुरुवार को चरक हॉस्पिटल नाम के एक प्राइवेट अस्पताल की ओर से 60 साल की महिला को HMPV वायरस से पॉजिटिव बताते हुए KGMU रेफर कर दिया है। उत्तर प्रदेश में HMPV का पहला केस मिलने से शासन व प्रशासन के साथ पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था। महिला को KGMU से बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से महिला के सैम्पल दुबारा से जांच के लिए भेजे गए। शुक्रवार को KGMU के PRO डॉ. सुधीर सिंह ने बयान जारी कर बताया कि महिला की रिपोर्ट नेगेटिव आयी है। अर्थात महिला पूर्ण रूप से रोग से मुक्त है।
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लखनऊ के राजेंद्रनगर की रहने वाली करीब 60 वर्षीय महिला ऊषा शर्मा को बुखार और खांसी आने के साथ साथ सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। महिला ने लखनऊ के चरक अस्पताल (Charak Hospital in Lucknow) में दिखाया, जहां से प्राइवेट अस्पताल के महिला को HMPV का पॉजिटिव बताकर KGMU भेज दिया और फिर वहां से महिला को बलरामपुर अस्पताल (Balrampur Hospital) रेफर कर दिया गया। बलरामपुर अस्पताल की ओर से प्राइवेट अस्पताल की रिपोर्ट को मान्य न करते हुए महिला के सैम्पल दोबारा से जांच के लिए भेजे गए। नई जांच रिपोर्ट शुक्रवार को आई, जिसमें महिला की HMPV रिपोर्ट नेगेटिव आयी है।
KGMU के PRO डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि महिला के दो सैंपल केजीएमयू माइक्रोबायोलॉजी लैब (KGMU Microbiology Lab) को प्राप्त हुए थे। पहला सैंपल पॉजीटिव रहा, यह पूर्व में निजी अस्पताल में भर्ती होने के समय का था। वहीं, दूसरा सैंपल अभी का है। यह नेगेटिव है अर्थात महिला पूर्ण रूप से रोग से मुक्त है। उन्होंने बताया कि महिला वृद्ध हैं। वे डायलिसिस पर हैं और उनकी प्रतिरोधक क्षमता भी कम है। कम प्रतिरोधक क्षमता के बावजूद भी महिला इस रोग से पूरी तरह ठीक हो गई हैं। यह इस बात की पुष्टि है कि रोग को लेकर किसी प्रकार के भय की आवश्यकता नहीं है।