Bollywood Updates: एक दौर था जब भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री का मतलब सिर्फ ‘यो यो हनी सिंह’ हुआ करता था। साल 2010 से 2015 के बीच उनका स्टारडम इस कदर बुलंदियों पर था कि हर बड़ा बॉलीवुड सुपरस्टार अपनी फिल्म में उनके गाने चाहता था। लेकिन अचानक इस चमकते करियर को बायपोलर डिसऑर्डर और ड्रग्स की लत का ऐसा ग्रहण लगा, जिसने सब कुछ तबाह कर दिया। हाल ही में एक पॉडकास्ट में रैपर ने अपने जीवन के इस सबसे अंधेरे दौर को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
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सफलता का नशा और खुद को भगवान मानना
हनी सिंह ने बताया कि जब वे करियर के पीक पर थे, तब बेतहाशा पैसे और कम उम्र में मिली कामयाबी ने उनके सोचने का तरीका पूरी तरह बदल दिया था। उन्होंने कहा, “मेरा खुद पर काबू नहीं रह गया था। मैं लोगों की बेइज्जती करने लगा था और मुझे लगने लगा था कि यह सब मैंने अकेले हासिल किया है। यहाँ तक कि मैं खुद को भगवान समझने लगा था।” इसी घमंड के बीच वे ड्रग्स के दलदल में धंसते चले गए, जिसने उनकी मानसिक सेहत को पूरी तरह बर्बाद कर दिया।
इंडस्ट्री नहीं, मैं खुद था जिम्मेदार
अक्सर लोग इस तरह की बर्बादी के लिए ग्लैमर वर्ल्ड या फेम को दोष देते हैं, लेकिन हनी सिंह ने साफ किया कि इसके जिम्मेदार वो खुद थे। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री के बड़े-बड़े दिग्गजों ने उन्हें संभालने की कोशिश की थी। अमिताभ बच्चन, सलमान खान, शाहरुख खान और अक्षय कुमार जैसे लोग बेहद सीधे और सुलझे हुए हैं। वे मुझे गलत राह पर जाते देखते थे, तो टोकते थे। खासकर शाहरुख खान और अक्षय कुमार ने मुझे कई बार चेतावनी दी थी। शाहरुख भाई ने तो साफ़ कहा था कि यह सब तुम्हें पूरी तरह बर्बाद और खत्म कर देगा।
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बीमारी ने छीना स्टारडम, मौत की मांगते थे दुआ
साल 2015 में बीमार होने के बाद हनी सिंह करीब तीन साल तक पूरी दुनिया से कटकर एक कमरे में कैद रहे। यह दौर इतना खौफनाक था कि बीमारी की वजह से उनके सिर के बाल तक उड़ गए और वे हर वक्त सिर्फ अपनी मौत की दुआ मांगते थे। 2018 में उन्होंने वापसी तो की, लेकिन वह पुराना जादुई स्टारडम अब इतिहास बन चुका है। हनी सिंह की यह कहानी बताती है कि सफलता को संभालना, उसे पाने से कहीं ज्यादा मुश्किल होता है।