नई दिल्ली। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बांग्लादेश (Bangladesh) में व्याप्त अशांति के कारण महिला टी20 वर्ल्ड कप 2024 (T20 World Cup 2024) को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थानांतरित करने का फेसला किया है। वर्ल्ड कप को 3 से 20 अक्टूबर तक दुबई और शारजाह में आयोजित किया जाएगा। इसकी मेजबानी का अधिकार बांग्लादेश के पास ही रहेगा जिससे यह सुनिश्चित होगा कि वह राजस्व का अपना हिस्सा प्राप्त कर सके।
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आईसीसी (ICC) के मुख्य कार्यकारी ज्योफ एलार्डिस (Chief Executive Geoff Allardyce) ने एक बयान में कहा कि बांग्लादेश में महिला टी20 वर्ल्ड कप की मेजबानी न करना शर्म की बात है, क्योंकि हम जानते हैं कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) एक यादगार आयोजन कर सकता था। उन्होंने कहा कि मैं बीसीबी (BCB) की टीम को बांग्लादेश में इस आयोजन की मेजबानी के लिए सभी रास्ते तलाशने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं, लेकिन भाग लेने वाली कई टीमों की सरकारों की यात्रा संबंधी सलाह के कारण यह संभव नहीं था।
हालांकि वे मेजबानी के अधिकार बरकरार रखेंगे। हम निकट भविष्य में बांग्लादेश में आईसीसी (ICC) वैश्विक आयोजन करने की उम्मीद करते हैं। ICC का हेडक्वार्टर UAE हाल के वर्षों में क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है, जहां कई क्वालिफायर टूर्नामेंट के साथ-साथ 2021 में ओमान के साथ ICC पुरुष T20 वर्ल्ड कप की मेजबानी की गई है।
शेख हसीना (Sheikh Hasina) के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के पतन के बाद देश भर में भड़की हिंसा की घटनाओं में 230 से अधिक लोग मारे गए हैं। देश में एक अंतरिम सरकार का गठन किया गया है और 84 वर्षीय नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस (Nobel Prize winner Mohammad Yunus) को इसका मुख्य सलाहकार नामित किया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री के करीबी माने जाने वाले बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष नजमुल हसन पापोन भी देश छोड़कर भाग गए हैं।
आईसीसी (ICC) का यह फैसला ऑस्ट्रेलिया की टी20 कप्तान एलिसा हीली (Australia’s T20 captain Alyssa Healy) द्वारा सोमवार को वहां खेलने को लेकर आशंका व्यक्त करने के बाद आया है। ‘एएपी’ (AAP) के अनुसार एलिसा ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से कहा कि मुझे इस समय वहां खेलने के बारे में सोचना मुश्किल लग रहा है। एक इंसान के तौर पर मुझे लगता है कि ऐसा करना गलत होगा। उन्होंने कहा कि यह ऐसे देश से संसाधन छीनना होगा जो काफी संघर्ष कर रहा है। उन्हें उन सभी लोगों की जरूरत है जो मर रहे लोगों की मदद के लिए वहां पहुंच सकें।