पर्दाफाश न्यूज़ ब्यूरो महराजगंज :: गोरखा भूतपूर्व सैनिक स्कूल नौतनवा के संचालन को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद में सोमवार को उस समय गहमा-गहमी की स्थिति बन गई, जब उपजिलाधिकारी (एसडीएम) नवीन प्रसाद के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम उच्च न्यायालय के आदेश का पालन कराने स्कूल पहुंची। स्कूल का मुख्य गेट बंद मिलने पर प्रशासन ने ताला तुड़वाकर अंदर प्रवेश किया और न्यायालय के निर्देशों के अनुसार स्कूल संचालन की पूरी जिम्मेदारी संस्था के अधिकृत पदाधिकारियों को सौंप दी।
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उल्लेखनीय है कि गोरखा भूतपूर्व सैनिक कल्याण समिति द्वारा संचालित इस विद्यालय में चल रहे विवाद के चलते विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे थे। उच्च न्यायालय ने 31 अक्टूबर को ही स्कूल संचालन का पदभार स्थानांतरित करने का आदेश जारी किया था, लेकिन आदेश का पालन नहीं होने पर स्कूल प्रबंधक रामकुमार थापा ने 8 जनवरी को पूर्व सैनिकों व समाज के लोगों के साथ तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया था।
इसके बाद प्रशासन हरकत में आया। बीते शनिवार को भी अधिकारी स्कूल पहुंचे थे, लेकिन गेट पर ताला बंद होने के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा था। प्रशासन ने दूसरे पक्ष को सोमवार तक का समय देते हुए नोटिस जारी किया था, किंतु निर्धारित समय तक दूसरा पक्ष मौके पर उपस्थित नहीं हुआ।
सोमवार दोपहर एसडीएम नवीन प्रसाद, नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव तथा नामित अधिकारी खंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीपुर पिंगल राणा की मौजूदगी में स्कूल का ताला तोड़ा गया। इसके बाद उच्च न्यायालय के आदेश का पालन कराते हुए स्कूल संचालन की संपूर्ण जिम्मेदारी प्रबंधक रामकुमार थापा को सौंप दी गई।
बताया गया कि उच्च न्यायालय ने सहायक रजिस्ट्रार गोरखपुर को स्कूल संचालन का पदभार रामकुमार थापा को सौंपने के निर्देश दिए थे। सहायक रजिस्ट्रार ने 22 नवंबर 2025 को इस संबंध में बीएसए महराजगंज को पत्र भेजा था। इसके क्रम में बीएसए ने 22 दिसंबर 2025 को एबीएसए लक्ष्मीपुर को न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए थे।
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एसडीएम नवीन प्रसाद ने बताया कि न्यायालय के आदेश का पालन सुनिश्चित कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी थी। निर्धारित समय के बाद भी जब दूसरा पक्ष सामने नहीं आया, तो नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए स्कूल संचालन का पदभार स्थानांतरित करा दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद विद्यालय संचालन से जुड़ा विवाद फिलहाल समाप्त होता नजर आ रहा है।
महराजगंज ब्यूरो प्रभारी विजय चौरसिया की रिपोर्ट