लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन योजना (Jal Jeevan Mission scheme) में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। इस भ्रष्टाचार के खेल में विभागीय अधिकारी से लेकर काम करने वाले ठेकेदार तक शामिल हैं। जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार के कारण उत्तर प्रदेश में ज्यादातर जगहों पर अभी पानी की टंकियां तक नहीं बन पाई हैं, जबकि कई जगहों पर काम नहीं पूरा होने के बाद भी करोड़ों के खर्च का बोर्ड लगा दिया गया है।
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ये आरोप हम नहीं इस योजना में काम करने वाले जूनियर इंजीनियर अभय सिंह लगा रहे हैं। उनका कहना है कि अभी हाल ही में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को सत्ताधारी दल बीजेपी के विधायक ब्रजभूषण राजपूत समेत करीब 100 ग्राम प्रधानों द्वारा बंधक बनाए जाने की खबरें मीडिया में देखी। उन्होंने कहा कि मेरे तरफ से उत्तर प्रदेश के नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित उच्चाधिकारियों को पत्र प्रेषित करते हुए जनता के सामने सड़कों पर उतकर उजागर किया, लेकिन सभी का दुर्भाग्य रहा कि उनके द्वारा उठाए जा रहे भ्रष्टाचार को कोई देख नहीं पाया है। इसी का परिणाम है कि अब जनता व सत्ताधारी दल के विधायक खुद सड़कों पर उतर कर मंत्री महोदय को बंधक बनाने को मजबूर हो रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के जूनियर इंजीनियर अभय सिंह ने कहा कि मैं पुनः जल जीवन मिशन योजना में भ्रष्टाचार और विभागीय अधिकारियों व ठेकेदारों द्वारा गुणवत्ता विहीन किए गए कार्य को लोगों तक पहुंचाऊंगा। अभय सिंह ने कहा कि जब नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में 200 सहायक अभियंता, 600 अवर अभियंता की 2022 में निष्पक्ष भर्ती कराई जाती है, जिसमें मेरा भी चयन हुआ और पहला जनपद मऊ विकास खंड कोपागंज मिला। अभय सिंह ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन की गुणवत्ता तथा मेजरमेंट करके भुगतान का पावर दिया गया, जिसमें अभय सिंह को शासन द्वारा लगभग 150 करोड़ रुपया का MB पावर दिया गया।
Video-जल जीवन मिशन योजना में पानी नहीं भ्रष्टाचार का फूट रहा है सैलाब, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव को बंधक बनाया जाना इसी का है परिणाम pic.twitter.com/u6E2wAEgOX
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— Pardaphash Today (@PardaphashToday) February 7, 2026
अभय सिंह ने बताया कि सरकार मंशा अनुरूप जीरो टॉलरेंस भ्रटाचार नीति के तहत अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी निष्ठा से कार्य करता रहा जैसे स्थलीय निरीक्षण में घटिया गुणवत्ता सामग्री ईंट सीमेंट सरिया वापस कराना तथा घटिया गुणवत्ता सामग्री से बनीं संरचना को तोड़कर पुनः बढ़िया गुणवत्ता सामग्री से बनवाना तथा सड़क खोद कर न छोड़ने देना। सड़क मरम्मत कार्य बढ़िया गुणवत्ता से कराना व भ्रष्ट ठेकदारों के खिलाफ पत्र लिखना । साथ ही ग्रामीणों की समस्या आने पर मात्र घंटों में उनकी समस्या का समाधान करना इत्यादि राष्ट्र हित कार्य करता रहा।
अभय सिंह का कहना है कि भ्रष्ट ठेकदारों द्वारा भ्रष्ट सिस्टम में ढलने के लिए विभिन्न तरह का लालच भी दिया गया, जिसमें मंहगी गाड़ी, मुंह मांगा कमीशन, लखनऊ में घर जमीन इत्यादि का लालच दिया गया, क्योंकि मेरे कलम में लगभग 150 करोड़ रुपया भुगतान का पावर था जिसको गलत तरीके से भ्रष्टाचारी निकलवाना चाहते थे।
जब विभागीय भ्रष्टाचार में सहयोग करने से अभय सिंह ने मना कर दिया तो उनका कोपागंज ब्लॉक से रानीपुर ब्लॉक में स्थानांतरण करवा दिया गया और यह स्थानांतरण राज्य स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी द्वारा कराया गया। इस गलत स्थानांतरण की शिकायत मुख्यमंत्री कार्यालय को डाक से सूचना दिया तथा प्रतिलिपि से विभिन्न उच्च अधिकारी को सूचनार्थ किया। पुनः ब्लॉक रानीपुर का कार्यभार ग्रहण करके उस क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया तो वहां पर विभिन्न तरह की कमी पाई गई जिसमें अभय सिंह द्वारा एक पत्र लिखा गया कि जब तक मानक अनुरूप कार्य नहीं कराया जाएगा तब तक मेरे द्वारा मेजरमेंट करके भुगतान किया जाएगा।
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इससे आग बबूला भ्रष्ट ठेकदार पुनः राज्य स्तर प्रशासनिक अधिकारी अधिशासी निदेशक से शिकायत की गई कि और मुख्यमंत्री को भ्रष्टाचार संबंधित पत्र को लेकर अधिशासी निदेशक बृजराज यादव द्वारा कार्यालय पत्रांक संख्या 3288 में यह लिखा गया कि अभय सिंह लापरवाह पूर्ण कार्यशैली अनुशासहीनता विभागीय छवि धूमिल करने का आरोप लगाया गया जिसमें निलंबन बर्खास्त सेवा समाप्ति जैसे कुछ भी नहीं लिखा था, परंतु अभय सिंह का वेतन रोक दिया गया जिसका मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
अभय सिंह ने इस विभागीय भ्रष्टाचार को उजागर करने हेतु भगत सिंह के शहीद दिवस 23 मार्च 2025 को राजधानी लखनऊ में चारबाग बस स्टैंड पानी की टंकी पर चढ़ कर तिरंगा लेकर भारत माता की जय तथा वन्दे मातरम के नारे लगाए। करप्शन गो बैक।आजाद भारत में फैला भ्रष्टाचार व लूट साम्राज्य का अंत हो इंकलाब जिंदाबाद क्रांतिकारी अमर रहे के नारे लगाए। साथ ही सरकारी बैग में रखे भ्रष्टाचार संबंधित सबूत पत्र को टंकी के ऊपर से हवा में फेंककर अपनी बात जनता व सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को उजागर करने हेतु टंकी पर चढ़ने कसे आत्महत्या तथा हंगामा करना बताया गया जो कि गलत था।
अभय सिंह के कहा कि अब रही बात मेरे तरफ से उठाए गए भ्रष्टाचार का नमूना देखने को भी मिल रहा है पिछले एक साल में उत्तर प्रदेश में 10 से 15 पानी की टंकी गिर चुकी है और यह टंकी एक साल पहले बनी थी यानी एक साल तक नहीं चल पाई जिसमें विभिन्न जनपद, सीतापुर, कानपुर, लखीमपुर, कासंगज इत्यादि जिले शामिल है। अभय सिंह ने बताया कि उन्हें यह कहने में भी कोई संकोच नहीं है कि आने वाले समय में और बहुत पानी की टंकी गिरेंगी, अभय सिंह जो भ्रष्टाचार गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे थे वो सही साबित हुई। अभय सिंह ने बताया कि कोपागंज में मैंने भ्रष्ट सिस्टम से लड़कर अन्य जिलों के अपेक्षा ठीक कराया है, जबकि उसी मऊ के दूसरे ब्लॉक रानीपुर, दोहरीघाट, मोहम्मदाबाद गोहाना, रतनपुरा इत्यादि ब्लॉक में घटिया गुणवत्ता काम हुआ है।