नई दिल्ली। भारतीय टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव (Indian T20 captain Suryakumar Yadav) ने एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होने खुद को दुर्भाग्यपूर्ण (unfortunate) मानते हुए कहा कि उन्हें भारतीय टीम में दिग्गज एमएस धोनी (legendary ms dhoni) की कप्तानी में खेलने का मौका नहीं मिला। एक ऐसे दिग्गज खिलाड़ी जिनसे वह विपक्षी टीम के लिए खेलते हुए हमेशा सीखने की कोशिश करते थे। आक्रामक बल्लेबाज सूर्यकुमार देर से उभरे और उन्होंने 2021 में अहमदाबाद में इंग्लैंड के खिलाफ विराट कोहली (Virat Kohli) की कप्तानी में पदार्पण किया। उन्हें अपने पहले मैच में बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला, लेकिन जल्द ही उन्होंने अपने अनोखे स्ट्रोकप्ले से दुनिया के सामने अपनी पहचान बना ली।
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35 वर्षीय सूर्य कुमार यादव ने 2010 में मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट (domestic cricket) में पदार्पण किया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर (International Baccalaureate) पर चमकने के लिए उन्हें एक दशक से भी ज़्यादा समय का इंतज़ार करना पड़ा। पिछले साल उन्हें टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी की जिम्मेदारी मिली, जो पहले रोहित शर्मा के पास थी। पिछले हफ्ते दुबई में एशिया कप में अजेय जीत के बाद, सूर्यकुमार ने कैप्टन कूल धोनी की कप्तानी में खेलने का मौका गंवाने के बारे में खुलकर बात की। हालांकि उन्होंने कैश-रिच इंडियन प्रीमियर लीग (Cash-Rich Indian Premier League) में कई मौकों पर उनका सामना किया है। सूर्यकुमार ने इसे दिग्गज भारतीय कप्तान को देखकर जो कुछ भी सीख सकते हैं, उसे एक मंच के रूप में इस्तेमाल किया है। उन्होने कहा कि धोनी जब भारतीय टीम के कप्तान थे तब तब मैं हमेशा एक अवसर प्राप्त करना चाहता था, जो मुझे कभी नहीं मिला। जब भी मैंने उनके खिलाफ खेला, मैंने उन्हें स्टंप के पीछे देखा और वह बहुत अच्छे रहे हैं। एक चीज जो मैंने उनसे खेलते हुए सीखी है, वह है सभी दबाव की परिस्थितियों में शांत रहना। वह खेल के चारों ओर देखते हैं, देखते हैं कि क्या हो रहा है और फिर फैसला लेते हैं।