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अंतरराष्ट्रीय मंच पर गूंजा भारत का नाम, भीषण भूकंप के बाद ‘साइक्लोन मैन’ संभालेंगे कमान, सिखाएंगे ओडिशा का ‘जीरो कैजुअल्टी’ मॉडल

By Sushil Sah 
Updated Date

काराकास। वेनेजुएला में हाल ही में आए विनाशकारी 7.2 और 7.5 तीव्रता वाले दोहरे भूकंप के बाद पैदा हुए मानवीय संकट के बीच आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में भारत ने दुनिया भर में अपना लोहा एक बार और साबित कर दिया है। वेनेजुएला सरकार ने भूकंप से मची भीषण तबाही और 3,800 से अधिक मौतों के बाद ‘आपदा प्रबंधन और पुनर्वास’ के गुण सीखने के लिए भारत के ‘साइक्लोन मैन’ और ओडिशा के पूर्व ब्यूरोक्रैट ‘वीके पांडियन’ को विशेष रूप से बुलावा भेजा है। वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति ‘डेलसी रोड्रिग्ज’ के निमंत्रण पर काराकास पहुंचे ‘वीके पांडियन’ वहां भारत के ‘जीरो कैजुअल्टी ओडिशा मॉडल’ (Zero Casualty Odisha Model) की रूपरेखा साझा कर रहे हैं। जिससे भविष्य में ऐसी आपदाओं के दौरान इंसानी जान के नुकसान को एकदम शुन्य किया जा सके।

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क्या है ‘जीरो कैजुअल्टी ओडिशा मॉडल’?

साल 1999 में आए महाचक्रवात में ओडिशा में 10,000 से अधिक नागरिकों की जान चली गई। इस भीषण त्रासदी को ओडिशा ने एक सबक की तरह लिया और अपने आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह से बदल कर रख दिया। इसी बदलाव से जन्म हुआ ‘जीरो कैजुअल्टी मॉडल’। इसके मुख्य स्तंभ इस प्रकार हैं—

Early Warning System: इसके तहत अत्याधुनिक तकनीक की मदद से आपदा के आने से कई दिन पहले ही सटीक समय और प्रभावित क्षेत्र की पहचान कर ली जाती है।

Mass Evacuation: खतरा भांपते ही प्रभावित इलाकों से लाखों लोगों को युद्ध स्तर पर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाता है। चक्रवात ‘फैलिन’ और ‘फानी’ के दौरान ओडिशा ने रिकॉर्ड 10 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला था।

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Cyclone Shelters: राज्य के तटीय और संवेदनशील इलाकों में सैकड़ों बहुउद्देशीय चक्रवात आश्रय स्थल बनाए गए हैं, जहां भोजन, पानी और चिकित्सा की सुविधाओं को मुहैया कराया जाता है।

सामुदायिक भागीदारी: इस मॉडल की सबसे बड़ी ताकत स्थानीय समुदाय, पंचायतें और महिला स्वयं सहायता समूह (Mission Shakti) हैं, जिन्हें आपदा से निपटने के लिए पहले से प्रशिक्षित किया जाता है।

त्वरित एक्शन फोर्स: ओडिशा ने अपनी विशेष ‘ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स’ का गठन किया है, जो किसी भी आपदा के तुरंत बाद मलबे को हटाने और बचाव कार्य में माहिर है।

इस अचूक रणनीति का परिणाम यह हुआ कि संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने भी ओडिशा के इस मॉडल को वैश्विक स्तर पर एक मिसाल माना है।

वेनेजुएला में ‘साइक्लोन मैन’ की भूमिका और ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’

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इस समय वेनेजुएला अपने इतिहास के सबसे खराब दौर से गुजर रहा है, जहां भूकंप के कारण बुनियादी ढांचा पूरी तरह से तहस—नहस हो चुका है। वहां पर जमीनी हालातों का जायजा लेने के बाद ‘वीके पांडियन’ ने राष्ट्रपति ‘डेलसी रोड्रिग्ज’ और उच्चाधिकारियों के साथ बैठकें की हैं। साथ ही उन्होंने वेनेजुएला को दीर्घकालिक आपदा न्यूनीकरण (Mitigation) और भूकंप-रोधी बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए रणनीतिक सुझाव दिए हैं। इस बीच, भारत सरकार ने भी दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए वहां ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ (Operation Amistad) शुरू किया है। आपको बता दे कि इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सेना की एक विशेष फील्ड हॉस्पिटल यूनिट वेनेजुएला में चौबीसों घंटे घायलों का इलाज कर रही है, जिसकी पांडियन ने खुद सराहना की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ओडिशा का यह फॉर्मूला चक्रवातों के साथ—साथ भूकंप जैसी अप्रत्याशित प्राकृतिक आपदाओं के बाद रिकवरी और पुनर्वास के लिए दुनिया के अन्य देशों के लिए एक नया ‘ब्लूप्रिंट’ साबित होगा।

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