Iran oil exports : अमेरिका ने बुधवार को ईरान के तेल निर्यात पर नया प्रतिबंध लगाया , जिसमें चीन स्थित “टीपॉट” रिफाइनरी को भी निशाना बनाया गया। वाशिंगटन द्वारा ईरानी तेल के चीनी आयातकों पर नए प्रतिबंध लगाने के बाद वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंता के कारण बुधवार को तेल की कीमतों में 1 डॉलर प्रति बैरल से अधिक की वृद्धि हुई।
पढ़ें :- बांग्लादेश ने भारतीय एयरलाइन स्पाइसजेट के लिए बंद किया एयरस्पेस, प्रधानमंत्री बनते ही तारिक रहमान ने भारत के खिलाफ लिया बड़ा फैसला
यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (President Donald Trump) के प्रशासन द्वारा तेहरान पर दबाव बढ़ाने की दिशा में उठाया गया है। “टीपॉट” छोटे, स्वतंत्र तेल रिफाइनरी के लिए एक उद्योग शब्द है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग (US Treasury Department) ने एक बयान में कहा कि इस कार्रवाई से चीन में ईरान का तेल आयात करने वाली कंपनियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा, जिससे ट्रम्प का “अधिकतम दबाव” अभियान मजबूत होगा।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प तेहरान पर दबाव बढ़ाना चाहते हैं, तथा ईरानी तेल निर्यात को शून्य पर लाना चाहते हैं।
यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब अमेरिकी सरकार ने इस महीने ईरान के साथ उसके परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत पुनः शुरू की है।