नई दिल्ली : खाड़ी क्षेत्रों में उस वक्त तनाव और गंभीर हो गया जब शनिवार को होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होकर गुज़र रहे दो भारतीय व्यापारिक जहाज़ों पर ईरानी बलों द्वारा फ़ायरिंग कर दी गई। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैला कर रख दी है। भारत इस पर कड़ा ऐतराज जताया है।
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सूत्रों के अनुसार, भारत के झंडे वाले तेल टैंकर ‘Sanmar Herald’ और कार्गो जहाज़ ‘Jag Arnav’ जब इस व्यस्त समुद्री रास्ते से गुजर रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ। करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर ‘Sanmar Herald’ इराक से भारत की ओर आ रहा था। इस फ़ायरिंग के कारण जहाज़ की खिड़कियों और ऊपरी हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा है, हालांकि सभी भारतीय चालक दल सुरक्षित हैं।
एक कथित रेडियो संचार (Audio Clip) सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें भारतीय चालक दल को ईरानी बलों से यह कहते सुना जा सकता है “आपने हमें क्लीयरेंस दिया था। अब आप हम पर गोलियां क्यों चला रहे हैं? हमें वापस मुड़ने दें!” इस चेतावनी के बाद दोनों जहाज़ों को अपना रास्ता बदलना पड़ा।
इस घटना के बाद व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई और इस दौरान जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस हमले को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान हमें ब्लैकमेल करने की कोशिश न करे। हालांकि, जब पत्रकारों ने इस हमले से जुड़ी और सवाल पूछने की कोशिश की, तो ट्रंप ने उन्हें Get out! कहकर उन लोगों को कमरे से बाहर जाने का आदेश दे दिया, जिससे कूटनीतिक गलियारों में चर्चा और भी तेज़ हो गई है।
भारत सरकार का एक्शन
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भारतीय विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजदूत को दिल्ली में आमंत्रित कर इस “अकारण हमले” पर अपना विरोध दर्ज कराया है। साथ ही भारतीय नौसेना ने भी अपनी सतर्कता बढ़ा दी है और तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भी तैनात कर दिए हैं। हांलाकि ईरान द्वारा होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से बंद करने की धमकी से वैश्विक तेल आपूर्ति संकट गहराने की आशंका पैदा हो गई है।
रिपोर्ट : सुशील कुमार साह