Strait of Hormuz blockade : युद्ध के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद करके अमेरिका और उसके समर्थक देशों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। होर्मुज स्ट्रेट ये वो समुद्री मार्ग है जहां से दुनिया का 20 फीसदी कच्चा तेल गुजरता है। इसके बंद होने से कच्चे तेल और एलएनजी की किल्लत बढ़ती जा रही है। इस बीच, अमेरिका ने भारत समेत दुनियाभर के देशों को रूसी तेल खरीदने की छूट दे दी है। जिसको लेकर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर तंज़ कसा है।
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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि रूसी तेल न खरीदने के लिए भारत पर दबाव बनाने वाला अमेरिका, अब दुनियाभर से रूस तेल खरीदने की अपील कर रहा है। इसके साथ उन्होंने यूरोपीय देशों पर भी तंज कसा है। अराघची ने एक अखबार की कटिंग शेयर करते हुए एक्स पोस्ट में कहा, ‘अमेरिका ने महीनों तक भारत पर दबाव डाला कि वह रूस से तेल का आयात बंद कर दे। ईरान के साथ दो हफ्ते चले युद्ध के बाद अब व्हाइट हाउस भारत समेत पूरी दुनिया से गुहार लगा रहा है कि वे रूस से कच्चा तेल खरीदें।’ उन्होंने आगे कहा, ‘यूरोप को लगा था कि ईरान के खिलाफ इस अवैध युद्ध में अमेरिका का साथ देने से उसे रूस के खिलाफ अमेरिका का समर्थन मिल जाएगा। कितना दयनीय है।’
बता दें कि अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमले के बाद छिड़े युद्ध से कच्चे तेल की कीमत आसान छू रही हैं, क्योंकि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अपने कब्जे में कर रखा है और यहां से गुजर रहे अमेरिका और उसके समर्थक देशों के शिप को लगातार निशाना बना रहा है। होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गई है। ऐसे में अमेरिका ने पलटी मारते हुए रूस के तेल पर लगे प्रतिबंधों को 30 दिनों के लिए हटा दिया है।