नई दिल्ली। अमेरिका और इज़राइल जंग के बीच ईरान की सड़कों पर राष्ट्रपति मसूद पजेश्कियन (President Masoud Pezeshkian) , सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी (Secretary of the Supreme National Security Council Ali Larijani), विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Foreign Minister Abbas Araqchi) और धार्मिक संस्थान (होज़ा) के प्रमुख आयतुल्लाह अराफी (Head of the Religious Seminary (Howza), Ayatollah Arafi) जनता के बीच घूमते हुए दिखे हैं। सभी नेता शांत अंदाज में दिखे। न तो उनके चेहरे पर कोई खौफ दिख रहा था। न ही जंग की कोई टेंशन थी। ये सभी शीर्ष नेता कुर्द्स डे के मौके पर लोगों के बीच पहुंचे थे। अली लारीजानी ने इसको लेकर तस्वीर भी शेयर की है। उन्होंने इस दौरान पत्रकारों से बात की और अमेरिकी हमले को लेकर कई सवालों के जवाब दिए।
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Iran's President Pezeshkian attends International Quds rallies in Tehran, takes selfies with people attending the event.
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— Press TV
(@PressTV) March 13, 2026
मेहर न्यूज के मुताबिक रमजान के आखिरी शुक्रवार को ईरानी कुद्स दिवस मनाने सड़कों पर उतरे। लोगों ने इस दौरान फिलिस्तीन के प्रति एकजुटता व्यक्त की। सीनियर नेता भी इस दौरान एंघेलाब स्ट्रीट पर नजर आए, जहां हजारों की संख्या में लोग जुटे थे। अली लारिजानी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखा- अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत के 13वें दिन सड़कों पर ईरान की जनता उमर आई है।
कुद्स दिवस आखिर क्यों मनाते हैं?
फिलिस्तीन के नागरिकों पर हो रहे अत्याचार को लेकर हर साल रमजान के आखिरी शुक्रवार को ईरान और अन्य मुस्लिम देशों में यह दिवस मनाया जाता है। इस दौरान लोग सड़कों पर निकलते हैं और फिलिस्तीन में मारे गए नागरिकों के समर्थन में शोक व्यक्त करते हैं। ईरान में यहूदी शासन के विरोध में रैलियां भी आयोजित की जाती हैं। पहले ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का संबोधन भी होता था। हालांकि, इस बार ईरान के सुप्रीम लीडर का कुद्स दिवस पर संबोधन नहीं हुआ है।
US-इजराइल की रडार पर पजेश्कियन-लारिजानी
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजेशकियन और राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च परिषद के सचिव अली लारिजानी इजराइल और अमेरिका की रडार पर हैं। दोनों को मारने के लिए अमेरिका और इजराइल पहले स्ट्राइक कर चुका है. हालांकि, अब तक दोनों नेता अमेरिकी हमले से बच निकले हैं। मसूद पजेश्कियन और अली लारिजानी के बंकर में रहने की खबर भी ईरान से आई थी, लेकिन जंग के 14वें दिन दोनों नेताओं ने सड़कों पर उतकर मजबूती से मैदान में डटे रहने का संदेश दिया है।
ईरान सुप्रीम लीडर के बाद राष्ट्रपति और सर्वोच्च परिषद के सचिव को सबसे ज्यादा पावरफुल माना जाता है। अली लारिजानी को ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का करीबी माना जाता है।