नई दिल्ली। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को कहा कि ईरान के मौजूदा पॉलिटिकल लीडरशिप का भविष्य आखिरकार ईरानी लोगों के हाथों में है। उन्होंने कहा कि सरकार में कोई भी बदलाव इस बात पर निर्भर करेगा कि वे उस दमनकारी शासन को चुनौती देने को तैयार हैं या नहीं। नेशनल हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर के दौरे के दौरान नेतन्याहू ने कहा कि इज़राइल की बड़ी इच्छा ईरानी लोगों को उस सिस्टम से आज़ाद होते देखना है जिसे उन्होंने तानाशाही का सिस्टम कहा है।
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राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमारी इच्छा ईरानी लोगों को तानाशाही के बंधन से मुक्त करने में मदद करना है। लेकिन इसमें कोई शक नहीं है कि अब तक किए गए कामों से हम उनकी हड्डियां तोड़ रहे हैं और हम अभी भी एक्टिव हैं। अगर हम ईरानी लोगों के साथ मिलकर सफल होते हैं, तो हम देशों की ज़िंदगी में मौजूद ऐसी चीज़ों को हमेशा के लिए खत्म कर देंगे। हम बदलाव लाएंगे और हम पहले से ही इज़राइल की इंटरनेशनल पहचान में एक बड़ा बदलाव ला रहे हैं। ऑपरेशन रोरिंग के हिस्से के तौर पर हेल्थ मिनिस्टर हैम काट्ज़ के साथ नेशनल हेल्थ कमांड सेंटर के अपने दौरे के दौरान हेल्थ मिनिस्ट्री के डायरेक्टर-जनरल मोशे बार सिमन टोव ने नेतन्याहू को कैंपेन के दौरान हेल्थकेयर सिस्टम की एक्टिविटीज़ के बारे में जानकारी दी। इससे पहले ईरान ने US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के लड़ाई खत्म होने के दावों पर कड़ा जवाब देते हुए कहा था कि अमेरिकन और इज़राइली टारगेट के खिलाफ मिलिट्री एक्शन का अंत तय करने का अकेला अधिकार उसी का होगा। एक कड़े शब्दों वाले बयान में, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने लड़ाई के लिए वाशिंगटन की टाइमलाइन को खारिज कर दिया। एलीट फोर्स ने कहा कि इस इलाके का भविष्य अब US के दखल के बजाय तेहरान की मिलिट्री स्ट्रैटेजी से तय होगा।